डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर:जिले में स्कूली शिक्षा के ढांचे को मजबूत करने और छात्रों को घर के पास ही उच्च शिक्षा मुहैया कराने के लिए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। समाहरणालय में उपायुक्त सह अध्यक्ष राजीव रंजन की अध्यक्षता में आयोजित जिला प्रारंभिक शिक्षा समिति की बैठक में जिले के 63 विद्यालयों के अपग्रेडेशन के प्रस्तावों पर अंतिम मुहर लगा दी गई। उपायुक्त राजीव रंजन ने बताया कि इस फैसले से ग्रामीण और सुदूर क्षेत्रों के बच्चों को आगे की पढ़ाई के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। स्थानीय स्तर पर ही बेहतर सुविधाएं मिलने से ड्रॉपआउट रेट में कमी आएगी और शिक्षा तक बच्चों की पहुंच और मजबूत होगी।
किन-किन स्कूलों का बदला रूप?
समिति ने झारखंड सरकार के माध्यमिक शिक्षा निदेशालय के निर्देशों के आधार पर विभिन्न प्रखंडों से आए प्रस्तावों को हरी झंडी दी।
46 उच्च विद्यालय बने +2 हाई स्कूल: जिले के 46 हाई स्कूलों को अपग्रेड करके +2 (इंटरमीडिएट) स्तर का बनाया जाएगा।
15 मिडिल स्कूल बने हाई स्कूल: 15 मध्य विद्यालयों को उच्च विद्यालय का दर्जा दिया गया है।
2 प्राइमरी स्कूल बने मिडिल स्कूल: प्राथमिक स्तर के 2 स्कूलों को मध्य विद्यालय में उत्क्रमित किया गया है।
वनांचल और दूरदराज के क्षेत्रों को राहत
मुसाबनी का बांकई क्षेत्र: मुसाबनी प्रखंड के घने वन क्षेत्र में स्थित ‘प्राथमिक विद्यालय, बांकई’ के 5 किलोमीटर के दायरे में कोई मध्य विद्यालय नहीं था। बच्चों को होने वाली भारी परेशानी को देखते हुए इसे मिडिल स्कूल में अपग्रेड करने का फैसला लिया गया।
जमशेदपुर का नंदनगर: जमशेदपुर प्रखंड के ‘प्राथमिक विद्यालय नंदनगर’ के प्रस्ताव पर विचार करते हुए इसे भी मध्य विद्यालय का दर्जा देने की स्वीकृति दी गई।
जिले में बुनियादी शैक्षणिक सुविधाओं के इस विस्तार से हजारों छात्र-छात्राओं को सीधा फायदा मिलेगा।

