नीतीश सरकार में मंत्री बने दीपक प्रकाश किसी सदन के सदस्य नहीं है। ऐसे में दीपक प्रकाश को 6 महीने के अंदर बिहार के किसी भी सदन विधानसभा या विधानपरिषद के सदस्य के रूप में निर्वाचित होना जरूरी है। विधानसभा में दीपक प्रकाश के जाने की संभावना दूर-दूर तक नजर नहीं आ रही है। ऐसे में वो विधानपरिषद जाएंगे। माना जा रहा है दीपक प्रकाश अब भाजपा कोटे से विधान परिषद पहुंचेंगे। मंगल पांडेय के विधायक बनने से खाली हुई एमएलसी सीट पर दीपक प्रकाश का नाम लगभग तय माना जा रहा है।

विधानपरिषद में एंट्री तय
दीपक प्रकाश राष्ट्रीय लोक मोर्चा प्रमुख और राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा के बेटे हैं। माना जा रहा है कि खरमास बाद दीपक प्रकाश की बिहार विधानपरिषद में विधिवत एंट्री हो जाएगी। उन्हें मंगल पांडेय वाली खाली सीट से बीजेपी एमएलसी बना कर सदन में भेजेगी। इस तरह से उनका मंत्री पद पूरी तरह से पक्का हो जाएगा। दीपक प्रकाश को लेकर उपेंद्र कुशवाहा की चुनाव से पहले सीट शेयरिंग पर भाजपा से यही बात भी हुई थी।
क्या उपेंद्र कुशवाहा को रिपीट करेगी बीजेपी?
सवाल उठ रहा है कि क्या बेटे की खातिर उपेंद्र कुशवाहा अपनी राज्यसभा सदस्यता छोड़ देंगे। उपेंद्र को भाजपा ने लोकसभा चुनाव 2024 में हार के बाद विवेक ठाकुर की जगह राज्यसभा भेजा था। उनका कार्यकाल अप्रैल 2026 में खत्म हो रहा है। भाजपा सूत्रों के अनुसार पार्टी उन्हें रिपीट करने की योजना नहीं बना रही है।
उपेंद्र कुशवाहा को लेकर संशय
दरअसल, बीजेपी में ये कहा जाता है कि तीसरी बार विधानपरिषद में और दूसरी बार राज्यसभा में जाने का मौका बिरले नेताओं को ही दिया जाता है। इसकी बानगी मंगल पांडेय खुद हैं, जिन्हें विधानसभा में दो टर्म (करीब-करीब) पूरे करने के बाद विधानसभा चुनाव में उतरना ही पड़ा।

