बिहार की नीतीश कुमार सरकार ने 80 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों के हित में बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने 80 साल से अधिक आयु के लोगों को बड़ी राहत देते हुए जमीन और फ्लैट की रजिस्ट्री प्रक्रिया आसान करने के निर्देश जारी किए हैं। अब बुजुर्गों को घर बैठे ही निबंधन की सुविधा मिलेगी। जिससे उन्हें सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

नई सरकार के गठन के बाद “सात निश्चय–3” कार्यक्रमों के तहत नागरिकों का जीवन आसान बनाने की दिशा में लगातार अहम फैसले लिए जा रहे हैं। सात निश्चय–3 के सातवें संकल्प ‘सबका सम्मान–जीवन आसान’ का उद्देश्य आम लोगों के दैनिक जीवन में आने वाली कठिनाइयों को कम करना है। इसी कड़ी में अब 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों के लिए जमीन और फ्लैट की रजिस्ट्री प्रक्रिया को सरल बनाया गया है।
जीवन को आसान बनाने का प्रयास
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक्स पर इसकी जानकारी दी है। मुख्यमंत्री ने एक्स पर लिखा, “आप सभी को पता है कि कि 20 नवंबर 2025 को राज्य में नई सरकार के गठन के बाद हमलोगों ने राज्य को देश के सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करने हेतु सात निश्चय-3 के कार्यक्रमों को लागू किया है। सात निश्चय-3 के सातवें निश्चय ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ का मुख्य मकसद राज्य के सभी नागरिकों के दैनिक जीवन में आने वाली कठिनाइयों को कम कर उनके जीवन को और भी आसान बनाना है। इसे लेकर हमलोग लगातार महत्वपूर्ण निर्णय ले रहे हैं।
वृद्धजनों के लिए निबंधन प्रक्रिया को सरल बनाने का निर्णय
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के वृद्धजनों को जमीन या फ्लैट की रजिस्ट्री में होने वाली परेशानियों को देखते हुए सरकार ने निबंधन प्रक्रिया को सरल बनाने का निर्णय लिया है। अब ऐसे बुजुर्गों को जरूरत पड़ने पर घर बैठे ही जमीन या फ्लैट की रजिस्ट्री से जुड़ी सभी सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके लिए मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग द्वारा चलंत निबंधन इकाई (मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट) की व्यवस्था की जाएगी। आवेदक इस सुविधा के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
उपलब्ध कराई जाएगी भूमि की सही जानकारी
सरकार ने एक और अहम व्यवस्था की है। अक्सर जमीन खरीदने वाले लोगों को संबंधित भूमि की सही और अद्यतन जानकारी नहीं मिल पाती, जिससे उन्हें बाद में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अब रजिस्ट्री से पहले क्रेता या विक्रेता को भूमि की अद्यतन स्थिति उपलब्ध कराई जाएगी। इस व्यवस्था के तहत आवेदक के अनुरोध पर निबंधन विभाग अंचल कार्यालय से भूमि से जुड़ी ताजा जानकारी प्राप्त कर आवेदक को उपलब्ध कराएगा। इससे लोगों को सही जानकारी मिलेगी और भूमि विवाद की संभावनाएं भी कम होंगी।

