विश्व प्रसिद्ध पितृ पक्ष महासंगम पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शनिवार को गयाजी पहुंचेंगी। वे गयाजी में पूर्वजों की आत्मा की शांति और मोक्ष प्राप्ति के लिए विष्णुपद मंदिर में पारंपरिक पिंडदान और तर्पण का कर्मकांड संपन्न करेंगी। राष्ट्रपति का आगमन को लेकर जिला प्रशासन द्वारा रूट मैप तैयार कर आगमन के दिन विभिन्न स्थानों पर ब्रैकेटिंग पूरी तरह से कर आवागमन बंद रहेगी। जिसकी तैयारी चल रही है।

इस रूट से होगा आगमन और प्रस्थान
राष्ट्रपति मुर्मू का आगमन और प्रस्थान एक ही रूट से होगा। वे गयाजी एयरपोर्ट से डोभी-गयाजी मुख्यमार्ग होते हुए पांच नंबर गेट बाइपास, घुघड़ी ताड़ बाइपास, नारायणीपुल और बंगाली आश्रम के रास्ते विष्णुपद मंदिर तक पहुंचेंगी। वे फल्गु नदी के देवघाट में पिंड अर्पित करेंगी और विष्णुपद मंदिर में भगवान विष्णु के चरणों को नमन करेंगी।
इन सड़को पर बंद रहेगा परिचालन
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गयाजी आगमन के लिए पूरी तरह से विष्णुपद मंदिर, बंगाली आश्रम,नारायणी पुल,घुघड़ी ताड़ बाईपास, पांच नंबर गेट, गया एयरपोर्ट जाएंगे. इनको आगमन को लेकर पूरी तरह से इन मार्गों पर वहां प्रतिबंध रहेगा। दो मुहान से सिकड़िया मोड़ तक सभी प्रकार की गाड़ियों का परिचालन बंद रहेगा। वहीं पांच नंबर गेट से सिटी पब्लिक स्कूल तक सभी प्रकार के वाहनों का परिचालन बंद रहेगा। चांद चौरा चौराहा, बंगाली आश्रम से घुघड़ी ताड़ बाईपास तक सभी प्रकार के वाहनों का परिचालन बंद रहेगा।
इन वैकल्पिक रास्तों का कर सकते हैं उपयोग
हालांकि, आमलोगों की सुविधा के लिए वैकल्पिक मार्ग भी बनाया गया है। आमलोगों के लिए आवागमन को लेकर इन रूटों पर वैकल्पिक मार्ग बनाया गया है।बोधगया से फोरलेन गया पटना मार्ग होकर गुलरिया चेक मोड़, चाकंद रेलवे गुमटी होकर कंडी नवादा बायपास, कुकड़ा मोड, मेहता पेट्रोल पंप, सिटी पब्लिक स्कल से गंतव्य स्थल की ओर जाएंगे। सिटी पब्लिक स्कूल से मेहता पेट्रोल पंप, कोकाड़ा मोड, कंडी नवादा, चाकंद रेलवे गुमटी फोरलेन से गंतव्य स्थल तक जाएंगे। वहीं चांद चौरा चौराहा, राजेंद्र आश्रम, दिग्घी तालाब, डीएम गोलंबर से गंतव्य स्थल विष्णुपद मंदिर प्रस्तावित कार्यक्रम का दौरान निम्न स्थानों ड्रॉप गेट है।
दुनियाभर में प्रसिद्ध है गयाजी
पितरों के उद्धार और श्राद्ध कर्म के लिए देशभर में कई तीर्थस्थल हैं, लेकिन बिहार का गयाजी हमेशा से ही मोक्षस्थली के रूप में पूजनीय रहा है। मान्यता है कि यहां पिंडदान करने से 108 कुल और सात पीढ़ियों का उद्धार होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। यही प्रमुख वजह है कि पितृ पक्ष के दौरान लाखों की संख्या में श्रद्धालु गयाजी आते हैं। इन सबसे अलग, गयाजी की एक और खास बात है, जो लोगों का ध्यान खींच रही है। वह यह है कि यहां व्यक्ति अपना पिंडदान खुद भी कर सकता है।

