लालू परिवार का मतभेद एकबार फिर सामने आया है। पिता को किडनी देने वाली बेटी रोहिणी आचार्य ने एकबार फिर तेजस्वी यादव पर तंज कसा है। दरअसल, तेजस्वी यादव ने आज पटना में पार्टी सांसदों के साथ की। इसमें संजय यादव भी मौजूद थे। जिसके बाद रोहिणी ने पार्टी के भीतर मौजूद चाटुकारों पर निशाना साधते हुए तेजस्वी को आत्म-मंथन की सलाह दी है। रोहिणी आचार्य ने स्पष्ट रूप से तेजस्वी की मीटिंग को ‘दिखावा’ करार दिया।

“समीक्षा के दिखावे से ज्यादा जरूरी…”
रोहिणी आचार्य ने अपने एक्स हैंडल से पोस्ट किया। रोहिणी ने लिखा, “समीक्षा का दिखावा करने से ज्यादा जरूरी ‘खुद’ आत्ममंथन करने और जिम्मेदारी लेने की है, ‘अपने’ इर्द-गिर्द कब्जा जमाए बैठे चिह्नित ‘गिद्धों’ को ठिकाने लगाने का साहस दिखाने के बाद ही किसी भी प्रकार की समीक्षा की सार्थकता साबित होगी। बाकी तो ये जो पब्लिक है न, वो सब जानती-समझती ही है…”
लगातार हमलावर हैं रोहिणा
विधानसभा चुनाव में आरजेडी की हार के बाद परिवार छोड़ने के बाद रोहिणी लगातार तेजस्वी और उनके सहयोगियों पर हमलावर हैं। इससे पहले भी 10 जनवरी को रोहिणी आचार्य ने एक पोस्ट कर सियासी पारा हाई कर दिया था। रोहिणी ने तब लिखा था, बड़ी शिद्दत से बनाई और खड़ी की गई “बड़ी विरासत” को तहस-नहस करने के लिए परायों की जरूरत नहीं होती, “अपने” और अपनों के चंद षड्यंत्रकारी “नए बने अपने” ही काफी होते हैं।
“वजूद के निशान को मिटाने पर अमादा”
तेजस्वी ने आगे लिखा- हैरानी तो तब होती है , जब “जिसकी” वजह से पहचान होती है , जिसकी वजह से वजूद होता है , उस पहचान, उस वजूद के निशान को बहकावे में आ कर मिटाने और हटाने पर “अपने” ही आमादा हो जाते हैं… जब विवेक पर पर्दा पड़ जाता है, अहंकार सिर पर चढ़ जाता है.. तब “विनाशक” ही आंख-नाक और कान बन बुद्धि-विवेक हर लेता है।
तीन घंटे तक चली आरजेडी की बैठक
इससे पहले तेजस्वी यादव ने बजट सत्र और चुनावी हार की समीक्षा के लिए बैठक बुलाई। शक्रवार को लगभग तीन घंटे तक चली इस अहम बैठक के बाद सांसद सुधाकर सिंह ने बताया कि पार्टी ने लोकसभा के आगामी बजट सत्र में बिहार को ‘विशेष राज्य का दर्जा’ और ‘विशेष पैकेज’ दिलाने की मांग को आक्रामक तरीके से उठाने का निर्णय लिया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विधानसभा चुनाव में मिली हार की एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की गई है जो जल्द ही तेजस्वी यादव को सौंपी जाएगी।

