महागठबंधन में अब तक सीटों का बंटवारा नहीं हुआ है। हालांकि, सभी घटक दलों ने अपने अपने उम्मीदवारों की भी घोषणा कर दी है। ऐसे में 10 से ज्यादा सीटों पर घटक दलों ने एक दूसरे के आमने-सामने हैं। अब लड़ाई एनडीए बनाम इंडिया गठबंधन की जगह ‘इंडिया बनाम इंडिया’ की हो गई। इस बीच कांग्रेस के सीनियर नेता अशोक गहलोत ने आज बुधवार को लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव से मुलाकात की और ‘फ्रेंडली फाइट’ का समाधान निकालने पर चर्चा की।

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को कांग्रेस ने बिहार विधानसभा चुनाव के लिए पर्यवेक्षक बनाया है। बिहार में महागठबंधन के बीच जारी खींचतान के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत और कृष्णा अल्लावरू, राजद नेता तेजस्वी यादव के आवास पर पहुंचे।
तेजस्वी के बाद लालू प्रसाद से मुलाकात
पहले दोनों नेताओं ने तेजस्वी यादव से मुलाकात की। तीनों नेताओं के बीच काफी देर तक बातचीत चली। करीब 54 मिनट तक तेजस्वी ने दोनों नेताओं से मुलाकात की। इसके बाद अशोक गहलोत और कृष्णा अल्लावरू लालू प्रसाद के मुलाकात करने राबड़ी आवास पहुंचे। यहां पर करीब 35 मिनट तक अशोक गहलोत और लालू प्रसाद की बातचीत हुई।
कुछ सीटों पर कांग्रेस की राजद से फ्रेंडली फाइट-गहलोत
राबड़ी आवास से निकलने के बाद अशोक गहलोत ने कहा कि हमारी लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव के साथ अच्छी बातचीत हुई। कल एक प्रेस कॉन्फ्रेंस होने वाली है, जिसमें सारी बातें स्पष्ट हो जाएंगी। महागठबंधन एकजुट होकर चुनाव लड़ रहा है। अशोक गहलोत ने भी मान लिया कि वो बिहार में राजद-कांग्रेस के बीच विवाद सुलझाने में नाकाम रहे। अशोक गहलोत ने पत्रकारों से बातचीत में माना कि बिहार की 243 विधानसभा सीटों में से कुछ पर कांग्रेस की राजद से फ्रेंडली फाइट हो सकती है।
फ्रेंडली फाइट महागठबंधन की कमजोरी नहीं‘- अशोक गहलोत
अशोक गहलोत ने आगे कहा, कभी-कभी कार्यकर्ताओं में उत्साह होता है, स्थानीय परिस्थितियों के चलते ऐसी स्थितियां आती हैं। इसे महागठबंधन की कमजोरी नहीं बल्कि लोकतांत्रिक जोश के रूप में देखना चाहिए। बता दें कि सीट बंटवारे को लेकर कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और वामदलों के बीच जारी आंतरिक मतभेद के चलते महागठबंधन के घटक दल राज्य की कम से कम 11 विधानसभा सीट पर एक-दूसरे के खिलाफ मैदान में हैं।

