सारंडा के जंगलों में खूनी संघर्ष: माओवादियों के साथ भीषण मुठभेड़ में कोबरा इंस्पेक्टर समेत 5 जवान घायल, 4 एयरलिफ्ट

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: झारखंड का घनेरा सारंडा जंगल एक बार फिर गोलियों की तड़तड़ाहट और धमाकों से दहल उठा। बुधवार को पश्चिमी सिंहभूम जिले के बालिबा इलाके में सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच घंटों चली सीधी जंग में कोबरा 205 बटालियन के इंस्पेक्टर समेत पांच जांबाज घायल हो गए। हालात की गंभीरता को देखते हुए चार जवानों को तुरंत एयरलिफ्ट कर रांची रेफर किया गया है।

तीन घंटे तक बरसती रहीं गोलियां
​सुरक्षाबलों को सूचना मिली थी कि बाबुडेरा और चडराडेरा के पहाड़ी इलाकों में माओवादी किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने के लिए जुटे हैं। सर्च ऑपरेशन के दौरान सुबह करीब 10 बजे नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर घात लगाकर हमला कर दिया। दोनों तरफ से दोपहर 2 बजे तक रुक-रुक कर फायरिंग होती रही। मुठभेड़ के दौरान माओवादियों ने आईईडी (IED) का इस्तेमाल किया, जिसकी चपेट में आने से टीम का नेतृत्व कर रहे इंस्पेक्टर सत्य प्रकाश गंभीर रूप से घायल हो गए।

घायल जवानों की स्थिति
​मुठभेड़ में घायल हुए जवानों को नक्सलियों की गोलियों और आईईडी स्प्लिंटर्स से गहरी चोटें आई हैं।
​इंस्पेक्टर सत्य प्रकाश: आईईडी ब्लास्ट में कमर में गंभीर चोट।
​शैलेश कुमार दुबे: गर्दन में गोली लगी।
​उत्तम कुमार सेनापति: हाथ में गोली लगी।
​जितेंद्र राय: पैर में गोली लगी।
​प्रेम कुमार: मामूली रूप से जख्मी।

रेस्क्यू ऑपरेशन: शाम करीब 5:15 बजे घायल जवानों को बालिबा गांव के पास से हेलिकॉप्टर के जरिए रांची भेजा गया। एक घायल जवान का इलाज स्थानीय स्तर पर चल रहा है।

नक्सलियों को भी भारी नुकसान
​पश्चिमी सिंहभूम के एसपी अमित रेणु ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि सुरक्षाबलों की जवाबी कार्रवाई में माओवादियों को भी भारी नुकसान हुआ है। हालांकि, घने जंगल और उबड़-खाबड़ रास्तों का फायदा उठाकर नक्सली अपने घायल साथियों को लेकर भागने में सफल रहे। मौके पर अभी कोई बरामदगी नहीं हुई है, लेकिन इलाके की घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन और तेज कर दिया गया है।

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