कलम की ताकत पर मंथन: निष्पक्ष पत्रकारिता से ही मजबूत होगा लोकतंत्र

KK Sagar
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ज़िला जनसंपर्क कार्यालय सभागार में आज “पत्रकारिता समाज का दर्पण, राष्ट्र की आवाज” विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला जनसंपर्क पदाधिकारी संजय कुमार दास ने की। सेमिनार में उपस्थित पत्रकारों और वक्ताओं ने पत्रकारिता के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से अपने विचार रखे और इसके बदलते स्वरूप पर गंभीर चर्चा की।

वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि पत्रकारिता आज भी समाज के दबे-कुचले और जरूरतमंद लोगों की आवाज बनकर कार्य कर रही है। यह सरकार और आमजन के बीच एक मजबूत पुल का कार्य करती है, इसलिए इसकी निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखना बेहद जरूरी है।

सुनील ठाकुर ने मीडिया में नैतिकता के विषय पर चिंता जताते हुए कहा कि किसी भी दबाव में आकर एकतरफा खबरें नहीं बनानी चाहिए। वहीं प्रवीण कुमार ने क्षेत्रीय और स्थानीय मीडिया को जमीनी हकीकत से जुड़ा बताते हुए उसकी अहमियत पर प्रकाश डाला। प्रमोद निरंजन ने कहा कि सत्य के मार्ग पर चलकर ही समाज का सही विकास संभव है और इसमें मीडिया की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।

तौकीर राज ने सोशल मीडिया और पारंपरिक मीडिया के बीच अंतर स्पष्ट करते हुए कहा कि जहां सोशल मीडिया पर अपुष्ट और भ्रामक खबरें तेजी से फैलती हैं, वहीं पारंपरिक मीडिया तथ्यों की जांच के बाद खबर प्रस्तुत करता है। डॉ. प्रणेश ने फेक न्यूज के खतरे पर जोर देते हुए कहा कि एक गलत खबर मीडिया की विश्वसनीयता को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है।

पवन कुमार राय ने डिजिटल युग में मीडिया के सामने आ रही चुनौतियों का उल्लेख करते हुए सोशल मीडिया पर नियंत्रण और सख्त नियमों की आवश्यकता बताई। वहीं अरविंद ठाकुर ने लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका को अहम बताते हुए कहा कि पत्रकार समाज की हर छोटी-बड़ी आवाज को सामने लाते हैं और लोकतंत्र को मजबूत बनाते हैं।

अन्य वक्ताओं ने भी पत्रकारिता में संतुलन, निष्पक्षता और संवेदनशीलता बनाए रखने पर जोर दिया। मुमताज नुमानी ने स्वतंत्रता संग्राम में पत्रकारिता के योगदान को याद करते हुए इसे राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।

अध्यक्षीय संबोधन में संजय कुमार दास ने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और इसका मुख्य उद्देश्य संतुलित एवं निष्पक्ष खबरें प्रस्तुत करना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को आमजन, प्रशासन और सरकार के बीच समन्वय स्थापित कर विश्वास बनाए रखना चाहिए तथा फेक न्यूज से बचते हुए सत्य और द्विपक्षीय खबरों को प्राथमिकता देनी चाहिए।

कार्यक्रम का संचालन सुरेश निर्मल ने किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पत्रकार और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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उत्कृष्ट, निष्पक्ष, पारदर्शिता और ईमानदारी - पत्रकारिता की पहचान है k k sagar....✍️....