PC-PNDT एक्ट उल्लंघन पर खैर नहीं, उपायुक्त की दोटूक-अनियमितता मिली तो होगी सख्त कार्रवाई

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर: जिला प्रशासन कन्या भ्रूण हत्या जैसे अपराधों को रोकने और पीसी-पीएनडीटी अधिनियम को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए पूरी तरह एक्शन मोड में है। बुधवार को उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने स्पष्ट कर दिया कि जिले में डायग्नोस्टिक केंद्रों के संचालन में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक के मुख्य फैसले: कई केंद्रों को मिली मंजूरी, कुछ पर बढ़ी निगरानी
उपायुक्त की अध्यक्षता में हुई जिला सलाहकार समिति की बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। समिति ने गहन समीक्षा के बाद निर्णय लिए।

नवीनीकरण और नए पंजीकरण: 06 केंद्रों के नवीनीकरण और 02 नए केंद्रों के पंजीकरण को हरी झंडी दी गई।

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मशीन और डॉक्टर: 04 केंद्रों पर नई मशीन लगाने, 01 मशीन ट्रांसफर और 03 केंद्रों में नए चिकित्सकों को संबद्ध करने के प्रस्ताव को स्वीकृति मिली।

स्थान और निरस्तीकरण: 01 केंद्र को जगह बदलने की अनुमति दी गई, जबकि 01 केंद्र का रजिस्ट्रेशन उनके अनुरोध पर रद्द कर दिया गया।

कानूनी मामला: कोर्ट के आदेशानुसार 01 पुराने सील बंद केंद्र को पुनः खोलने की भी स्वीकृति दी गई।

उपायुक्त के कड़े निर्देश: ‘सिर्फ कागजों पर नहीं, फील्ड में दिखे सख्ती’
समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने अधिकारियों को हिदायत दी कि पीसी-पीएनडीटी एक्ट का पालन केवल कागजों तक सीमित न रहे।

इन बिंदुओं पर दिया जोर

नियमित औचक निरीक्षण: संबंधित पदाधिकारी अपने क्षेत्रों में अल्ट्रासाउंड केंद्रों का नियमित रूप से औचक निरीक्षण करें।

रिकॉर्ड संधारण: सभी केंद्रों के लिए रिकॉर्ड अपडेट रखना अनिवार्य है। इसमें किसी भी तरह की त्रुटि पाए जाने पर संस्थान के विरुद्ध तत्काल सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जागरूकता अभियान: कानून के प्रावधानों के प्रति आम जनता और स्वास्थ्य केंद्रों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए।

इस बैठक में मुख्य रूप से सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल, विभिन्न विभागों के पदाधिकारी और समिति के सदस्य उपस्थित थे। प्रशासन के इस कड़े रुख से जिले के अवैध लिंग जांच करने वाले तत्वों और नियमों की अनदेखी करने वाले केंद्रों में हड़कंप मचना तय है।

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