सरायकेला जेल के नाम पर बैंक मैनेजर से रंगदारी मांगने वाला बंटी गुहा जमशेदपुर से गिरफ्तार

Manju
By Manju
3 Min Read

डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : कांड्रा स्थित झारखंड ग्रामीण बैंक के मैनेजर को फोन कर डराने और 50 हजार रुपये की रंगदारी मांगने वाले शातिर अपराधी बंटी गुहा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सरायकेला पुलिस की स्पेशल टीम ने तकनीकी और मानवीय इनपुट के आधार पर सोमवार सुबह आरोपी को जमशेदपुर के मानगो बस स्टैंड से दबोचा। मामले का खुलासा करते हुए सरायकेला के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अनुभव भारद्वाज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि आरोपी के खिलाफ पहले से ही जमशेदपुर के अलग-अलग थानों में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।

जेल में बंद रवि लोहार बनकर दी थी जान से मारने की धमकी
​पुलिस के अनुसार यह पूरा मामला 22 मई का है। आरोपी बंटी गुहा ने बैंक मैनेजर को मोबाइल पर फोन किया और खुद को सरायकेला जेल में बंद अपराधी रवि लोहार (फर्जी नाम) बताया। उसने मैनेजर से कहा कि मुझे जमानत के लिए वकील को फीस देनी है, तुरंत 50 हजार रुपये का इंतजाम करो। जब बैंक मैनेजर ने असमर्थता जताई, तो उसने उन्हें जान से मारने की सीधी धमकी दे डाली। इस धमकी से डरे-सहमे बैंक मैनेजर ने 24 मई को कांड्रा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई।

एसपी ने बनाई टीम, कोलकाता का कनेक्शन आया सामने
​मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी के निर्देश पर SDPO सरायकेला के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया। पुलिस ने जब जांच शुरू की तो पता चला कि मूल रूप से परसुडीह (गोलपहाड़ी) का रहने वाला बंटी गुहा फिलहाल कोलकाता के भवानीपुर (सियालदा पार्कस्ट्रीट, वर्धान बाजार) में रहकर यूएसएस नामक कंपनी में काम कर रहा था और वहीं से यह ताना-बाना बुन रहा था। पुलिस ने जाल बिछाकर उसे मानगो बस स्टैंड से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पास से घटना में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया गया है और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।

आरोपी बंटी गुहा का पुराना आपराधिक इतिहास
​गिरफ्तार बंटी गुहा कोई नौसिखिया नहीं, बल्कि पुराना शातिर है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ जमशेदपुर के कई थानों में कई मामले पहले से दर्ज हैं। उसके खिलाफ टेल्को थाना में 02 मामले, सिदगोड़ा थाना मे 01, सीतारामडेरा थाना में 01 और कदमा थाना में भी 01 मामला दर्ज है।

सफलता पाने वाली पुलिस टीम
​इस रंगदारी मामले का महज 24 घंटे के भीतर खुलासा करने वाली टीम में कांड्रा थाना प्रभारी विनोद कुमार मुर्मू के साथ पुलिस अवर निरीक्षक रामदयाल उरांव, कमलेश कुमार सिंह और रामाशीष शुक्ला मुख्य रूप से शामिल थे। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि बंटी ने इस तरह से और कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।

Share This Article