डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर: भारतीय कृषि में महिलाओं की भागीदारी को और सशक्त बनाने के उद्देश्य से कृषि विज्ञान केन्द्र, पूर्वी सिंहभूम (घाटशिला) में महिला किसान गोष्ठी व महिला अनुकूल कृषि यंत्र जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे जिले के उपायुक्त राजीव रंजन ने महिला किसानों को आधुनिक तकनीकों से जुड़ने का संदेश दिया।
श्रम कम और कार्यकुशलता ज्यादा: उपायुक्त
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त राजीव रंजन ने कहा कि पारंपरिक खेती में महिलाओं को अत्यधिक शारीरिक श्रम करना पड़ता है। अगर वे आधुनिक और विशेष रूप से महिलाओं के अनुकूल बनाए गए कृषि यंत्रों का उपयोग करेंगी, तो उनका श्रम कम होगा, कार्यकुशलता बढ़ेगी और सीधे तौर पर उनकी आय में इजाफा होगा। उपायुक्त ने बदलते मौसम चक्र और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का जिक्र करते हुए महिला किसानों से अपील की कि वे सिर्फ धान पर निर्भर न रहें, बल्कि मोटे अनाज (श्री अन्न/मिलेट्स) और अन्य वैकल्पिक फसलों की खेती को भी अपनाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकार की कृषि योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर पर हर महिला किसान तक सुनिश्चित किया जाए।
वैज्ञानिक तकनीकों से खेती को बनाएं बिजनेस: डीडीसी
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद उप विकास आयुक्त नागेन्द्र पासवान ने महिलाओं को उद्यमिता से जुड़ने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि महिलाएं स्वयं सहायता समूहों और किसान उत्पादक संगठनों के माध्यम से अपने उत्पादों का वैल्यू एडिशन करें, जिससे खेती घाटे का सौदा न रहकर एक लाभकारी व्यवसाय बन सके।
केवीके चला रहा है सशक्तिकरण अभियान
इससे पहले कृषि विज्ञान केन्द्र की वरिष्ठ वैज्ञानिक व प्रधान डॉ. सीमा सिंह ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने केवीके द्वारा जिले में चलाए जा रहे विभिन्न अभियानों की जानकारी दी, जिनमें शामिल हैं।
प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा
मशरूम उत्पादन और मिलेट्स की खेती
पोषण सुरक्षा और उद्यानिकी
महिला सशक्तिकरण और तकनीकी प्रशिक्षण
ऑन-स्पॉट मिला कृषि यंत्रों और तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान वैज्ञानिकों ने महिला किसानों को निराई-गुड़ाई, बुवाई और कटाई में इस्तेमाल होने वाले आधुनिक उपकरणों के सुरक्षित संचालन और रखरखाव की लाइव व व्यावहारिक जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में महिला किसानों के बीच उन्नत बीज और कृषि यंत्रों का वितरण भी किया गया।
इस मौके पर अपर उपायुक्त अनुराग तिवारी, अनुमंडल पदाधिकारी (घाटशिला), कृषि विभाग के अधिकारी, केवीके के वैज्ञानिकगण और जिले के विभिन्न प्रखंडों से आईं बड़ी संख्या में महिला किसान व स्वयं सहायता समूहों की दीदियां उपस्थित थी।

