जमशेदपुर में ‘ब्रेन मलेरिया’ का कोहराम, अस्पतालों में बढ़े गंभीर मरीज, आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता, जानिए क्यों सस्पेंड हुई पोटका की चिकित्सा प्रभारी

Manju
By Manju
3 Min Read

डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर:पूर्वी सिंहभूम जिले में मलेरिया का डंक जानलेवा होता जा रहा है। संक्रमण के बढ़ते मामलों और लगातार हो रही मौतों के बीच स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। कर्तव्य में लापरवाही बरतने और क्षेत्र में मलेरिया की स्थिति को नियंत्रित करने में विफल रहने के आरोप में पोटका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की प्रभारी डॉ. रजनी महाकुड़ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। सरकार के संयुक्त सचिव ललित मोहन शुक्ला ने इस संबंध में सिविल सर्जन को पत्र जारी कर दिया है। डॉ. रजनी के निलंबन के बाद अब डॉ. सुशांत शीट को पोटका CHC का नया प्रभारी नामित किया गया है।

24 घंटे में दो और मौतें, कुल आंकड़ा पहुंचा 7
​बुधवार को जिले में मलेरिया और उससे जुड़ी जटिलताओं के कारण दो और मरीजों ने दम तोड़ दिया। इसके साथ ही इस वर्ष जिले में मलेरिया से मरने वालों की आधिकारिक संख्या बढ़कर 7 हो गई है। लगातार बिगड़ते हालातों को देखते हुए पूरे जिले का स्वास्थ्य महकमा अलर्ट मोड पर है।

वेंटिलेटर पर थी 5 साल की मासूम, नहीं बच सकी जान
​मलेरिया का सबसे दर्दनाक चेहरा एमजीएम अस्पताल में देखने को मिला, जहां पोटका निवासी गणेश सरदार की 5 वर्षीय पुत्री साक्षी सरदार की ब्रेन मलेरिया से मौत हो गई।
5 जुलाई: बच्ची की तबीयत बिगड़ने पर उसे खासमहल स्थित सदर अस्पताल ले जाया गया था।
नाजुक हालत: स्थिति गंभीर होने के कारण उसे उसी दिन एमजीएम अस्पताल रेफर किया गया, जहां जांच में ब्रेन मलेरिया की पुष्टि हुई।
बुधवार: वेंटिलेटर पर इलाज के दौरान मासूम ने दम तोड़ दिया।

मल्टीपल ऑर्गन फेलियर से दूसरी मौत
​वहीं, दूसरी मौत हुरियांगरा गांव की रहने वाली 50 वर्षीय मेरी बंडरा की हुई। वह मलेरिया के साथ-साथ निमोनिया और पीलिया से भी पीड़ित थी। पहले उन्हें मर्सल अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां से गंभीर हालत में उन्हें टाटा मेन हॉस्पिटल रेफर किया गया। इलाज के दौरान बुधवार को उन्होंने भी दम तोड़ दिया। फिलहाल टीएमएच में दो अन्य मरीजों की स्थिति गंभीर बनी हुई है।

Share This Article