मानगो मर्डर मिस्ट्री: एनकाउंटर में मुख्य आरोपित घायल, सरेंडर की कहानी और मर्डर के मोटिव पर उलझा पुलिस व आरोपित का दावा

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर: मानगो के बहुचर्चित राहुल सिंह उर्फ राहुल बच्चा हत्याकांड में पिछले 24 घंटों के भीतर बेहद चौंकाने वाले और विरोधाभासी घटनाक्रम सामने आए हैं। एक तरफ जहां मुख्य आरोपित (जिसे साहेब और शब्बे दोनों नामों से संबोधित किया जा रहा है) ने पुलिस के सामने सरेंडर कर इस पूरी वारदात को आत्मरक्षा और गैंगवार की रंजिश बताया है, वहीं दूसरी तरफ पुलिस की हथियार बरामदगी की कार्रवाई के दौरान हुए एक कथित एनकाउंटर में वह पैर में गोली लगने से घायल हो गया है। फिलहाल आरोपित का इलाज एमजीएम अस्पताल में चल रहा है।

सरेंडर बनाम एनकाउंटर: 12 घंटे में बदला पूरा सीन
​घटनाक्रम की शुरुआत बुधवार देर रात हुई, जब मुख्य आरोपित साहेब/शब्बे ने अपने तीन साथियों के साथ पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था। लेकिन इसके महज कुछ घंटों बाद, गुरुवार अहले सुबह कहानी में बड़ा मोड़ आ गया।
​सिटी एसपी ललित मीणा के अनुसार हिरासत में पूछताछ के दौरान आरोपित ने स्वीकार किया था कि वारदात में इस्तेमाल की गई दो पिस्तौल उसने मानगो के स्मृति पार्क में छिपा रखी हैं। जब मानगो थाना के सब इंस्पेक्टर संजय और पुलिस टीम उसे हथियार बरामदगी के लिए मौके पर ले गई, तो आरोपित ने अचानक एक पिस्तौल उठाकर पुलिस पर ही फायरिंग करने की कोशिश की। पुलिस का दावा है कि आत्मरक्षा में चलाई गई जवाबी गोली आरोपित के पैर में लगी। मौके से दो पिस्तौल जब्त की गई हैं।

आरोपित का दावा: वह नहीं मरता तो मैं मारा जाता
​इस एनकाउंटर से ठीक पहले पुलिस हिरासत में दिए बयान में आरोपित ने इस पूरी हत्या को एकतरफा जुर्म के बजाय दो पक्षों की आपसी रंजिश और आत्मरक्षा का मामला बताया था।

रेकी और हमले का आरोप: आरोपित का दावा है कि राहुल बच्चा पिछले पांच दिनों से अपने करीब 40 साथियों के साथ उसकी रेकी कर रहा था। वारदात वाले दिन भी साकची के बंगाल क्लब के पास राहुल की तरफ से उस पर फायरिंग की गई थी, जिसमें वह बाल-बाल बचा।

मौत के तरीके पर विवाद: जहां प्रारंभिक पुलिस रिपोर्ट और चश्मदीदों के अनुसार राहुल की हत्या पत्थर, चापड़ और सिर में करीब से गोली मारकर की गई थी। वहीं आरोपित का दावा है कि राहुल की मौत गोली लगने से नहीं, बल्कि ईंट-पत्थरों के आपसी संघर्ष में हुई है।

हत्या की असली वजह क्या? त्रिकोणीय प्रेम प्रसंग या पुरानी रंजिश
​पुलिस और आरोपितों के बयानों को खंगालें तो हत्या की वजहों को लेकर दो मुख्य कोण सामने आ रहे हैं।

त्रिकोणीय प्रेम प्रसंग : प्रारंभिक जांच के अनुसार राहुल बच्चा और मुख्य आरोपित दोनों एक ही युवती से प्रेम करते थे। इसे लेकर लंबे समय से दोनों में तनाव था। हत्या के बाद जब वह युवती टीएमएच में मृतक राहुल को देखने पहुंची, तो परिजनों के भारी गुस्से और विरोध का सामना भी करना पड़ा।

वर्चस्व और पुरानी रंजिश: आरोपित के बयानों से स्पष्ट है कि यह मामला सिर्फ प्रेम प्रसंग का नहीं, बल्कि इलाके में वर्चस्व और पुरानी रंजिश का भी था, जो अंततः खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया।

पुलिस की अगली कार्रवाई और साक्ष्यों का मिलान
​इस सनसनीखेज मामले में अब पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती आरोपित के दावों और जमीनी हकीकत का मिलान करना है। पुलिस का कहना है कि​घटनास्थल से मिले वैज्ञानिक साक्ष्य, फॉरेंसिक इनपुट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के जरिए यह साफ किया जाएगा कि राहुल की मौत गोली से हुई या पत्थरों से कुचलने के कारण। ​सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों से यह भी जांचा जा रहा है कि क्या वाकई साकची में राहुल की तरफ से पहले फायरिंग की गई थी या यह सिर्फ आरोपित की मनगढ़ंत कहानी है। फिलहाल क्षेत्र में तनाव को देखते हुए पुलिस मुस्तैद है। मामले में शामिल अन्य फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए मानगो और आसपास के इलाकों में ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही है।

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