हजारीबाग जिले के लोहसिंघना थाना क्षेत्र में 26 जनवरी 2026 को नवजात बच्चे के चोरी होने की सूचना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। मामला बेहद संवेदनशील था, लेकिन हजारीबाग पुलिस की त्वरित कार्रवाई से महज तीन घंटे के भीतर बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया गया और पूरे घटनाक्रम का खुलासा कर दिया गया।
लक्ष्मी पेट्रोल पंप के पास से मिली थी सूचना
जानकारी के अनुसार, 26 जनवरी की शाम करीब 4:30 बजे लक्ष्मी पेट्रोल पंप के पास से एक महिला का तीन दिन का नवजात बच्चा चोरी होने की सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही वरीय अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया।
तकनीकी व मानवीय सूचनाओं से मिली सफलता
गठित SIT ने बिना समय गंवाए तकनीकी साक्ष्यों और मानवीय सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई शुरू की। लगातार छापेमारी के बाद पुलिस ने तीन घंटे के भीतर ग्राम करमा, थाना चौपारण से नवजात शिशु को सुरक्षित बरामद कर लिया।
जांच में सामने आई पूरी सच्चाई
पुलिस जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि बच्चे की मां बेबी देवी के पहले से पांच बच्चे हैं। छठे बच्चे का जन्म 24 जनवरी 2026 को सदर अस्पताल में हुआ था। आर्थिक स्थिति कमजोर होने और पति के मुंबई में मजदूरी करने के कारण नवजात के पालन-पोषण को लेकर परिवार असमर्थ था।
इसी वजह से पति की सहमति से बेबी देवी ने अपने नवजात बच्चे को अपनी सहेली की मौसेरी बहन मालती देवी को 26 जनवरी को लक्ष्मी पेट्रोल पंप के पास सौंप दिया था।
समाज और परिजनों के डर से गढ़ी गई चोरी की कहानी
बाद में परिजनों और समाज के भय के कारण बेबी देवी ने बच्चा चोरी होने की झूठी कहानी बना दी, जिसे सच मानकर परिजनों ने पुलिस को सूचना दे दी।
मां को सौंपा गया नवजात, पुलिस ने की अपील
सच्चाई सामने आने के बाद पुलिस ने परिजनों की मौजूदगी में नवजात बच्चे को उसकी मां बेबी देवी को सौंप दिया। पुलिस ने मामले में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए लोगों से अपील की है कि किसी भी परिस्थिति में कानून को हाथ में न लें और प्रशासन से सहयोग लें।
पुलिस की तत्परता से टली बड़ी अनहोनी
हजारीबाग पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से एक बड़ी अनहोनी टल गई और नवजात बच्चा पूरी तरह सुरक्षित अपने परिवार के पास लौट सका।

