चाईबासा: 5 मासूमों को HIV संक्रमित खून चढ़ाने का मामला, हाई कोर्ट की फटकार के बाद लैब टेक्नीशियन पर FIR

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर: पश्चिमी सिंहभूम के चाईबासा सदर अस्पताल में हुई बड़ी लापरवाही के मामले में चार महीने बाद बड़ी कार्रवाई हुई है। झारखंड उच्च न्यायालय के सख्त रुख के बाद, तत्कालीन लैब टेक्नीशियन मनोज कुमार के खिलाफ सदर थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है।

क्या है पूरा मामला?
​यह दर्दनाक घटना पिछले साल अक्टूबर की है। चाईबासा सदर अस्पताल में थैलेसीमिया से पीड़ित 5 से 7 वर्ष के पांच बच्चे नियमित ब्लड ट्रांसफ्यूजन के लिए आए थे। आरोप है कि अस्पताल की घोर लापरवाही के कारण इन बच्चों को HIV संक्रमित खून चढ़ा दिया गया। इस घटना के बाद स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया था।

हाई कोर्ट के आदेश पर एक्शन
​जस्टिस गौतम कुमार चौधरी की अदालत ने इस मामले को अत्यंत संवेदनशील करार देते हुए पुलिस को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे। कोर्ट की फटकार के बाद, एक पीड़ित बच्चे की मां के आवेदन पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। आवेदन में लैब टेक्नीशियन पर बच्चों का जीवन खतरे में डालने और गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप लगाए गए हैं।

अब तक हुई कार्रवाई
निलंबन: मामले की गंभीरता को देखते हुए पूर्व सिविल सर्जन डॉ. सुशांतो कुमार मांझी को पहले ही निलंबित किया जा चुका है।
सेवामुक्ति: आरोपी लैब टेक्नीशियन मनोज कुमार को सेवा से हटा दिया गया है।
मुआवजा: राज्य सरकार ने प्रत्येक पीड़ित परिवार के लिए 2-2 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की है।

आगे क्या?
FIR दर्ज होने के बाद अब इस पूरे प्रकरण की न्यायिक जांच तेज होगी। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पर अब यह जिम्मेदारी है कि वे न केवल दोषियों को सजा दिलाएं, बल्कि भविष्य में ऐसी जानलेवा चूक को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम करें।

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