डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर: झारखंड के प्रसिद्ध दलमा वन्यजीव अभयारण्य के प्रेमियों के लिए एक अच्छी खबर है। जंगल की प्राकृतिक सुंदरता और पारिस्थितिक संतुलन को बढ़ाने के लिए वन विभाग ने एक बड़ी पहल की है। दलमा के जंगलों में एक बार फिर हिरणों की अठखेलियां देखने को मिलेंगी, क्योंकि यहांकुल 50 चित्तीदार हिरण लाए जा रहे हैं।
मैथन से दलमा तक का सफर
वन विभाग की योजना के तहत इन हिरणों को धनबाद के मैथन डैम क्षेत्र से लाया जा रहा है। प्रक्रिया को दो चरणों में बांटा गया है।
पहला चरण: बुधवार देर रात विशेष सुरक्षा के बीच 25 हिरणों की पहली खेप सफलतापूर्वक छोटाकाबांध पहुंच चुकी है।
दूसरा चरण: बाकी बचे 25 हिरणों के शुक्रवार देर रात तक दलमा पहुंचने की उम्मीद है।
’सॉफ्ट-रिलीज’ सेंटर में हो रही है खास मेहमाननवाजी
इन हिरणों को सीधे खुले जंगल में छोड़ने के बजाय, फिलहाल दलमा के अत्याधुनिक ‘सॉफ्ट-रिलीज’ सेंटर में रखा गया है। यह केंद्र उन्हें प्राकृतिक माहौल में ढलने में मदद करेगा।
विशेषज्ञों की निगरानी में क्या हो रहा है?
अनुकूलन : हिरणों को लगभग तीन सप्ताह तक विशेषज्ञों की कड़ी निगरानी में रखा जाएगा।
प्राकृतिक आहार: उन्हें जंगल में मिलने वाले प्राकृतिक भोजन और स्वच्छ पानी की आदत डाली जा रही है।
सुरक्षा प्रशिक्षण: वन विभाग के अनुभवी कर्मी यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि हिरण स्वतंत्र रूप से भोजन खोजने और संभावित खतरों से निपटने में सक्षम हो सकें।
पारिस्थितिक संतुलन पर जोर
वन विभाग का मानना है कि इस कदम से न केवल दलमा की रौनक बढ़ेगी, बल्कि जंगल का इकोलॉजिकल बैलेंस भी मजबूत होगा। वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटकों के लिए यह एक बड़ा आकर्षण बनने वाला है। विशेषज्ञों की टीम हिरणों की सेहत और उनके व्यवहार पर चौबीसों घंटे नजर रख रही है ताकि वे जल्द से जल्द अपने नए घर को अपना सकें।

