टाटा स्टील गेट पर प्रदर्शन: ठेका कर्मचारी की मौत के बाद परिजनों का हंगामा, 20 लाख मुआवजे की मांग

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर: टाटा स्टील के बर्मामाइंस स्थित एनएमएल गेट पर बुधवार को उस वक्त स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब एक ठेका कर्मचारी की मौत के बाद परिजनों ने मुआवजे की मांग को लेकर गेट जाम कर दिया। परिजन 20 लाख रुपये मुआवजे और परिवार के एक सदस्य को स्थायी नौकरी देने की मांग पर अड़े हैं।

क्या है पूरा मामला?
मृतक की पहचान 48 वर्षीय सत्यनारायण निषाद के रूप में हुई है, जो बर्मामाइंस के ही रहने वाले थे। वह टाटा स्टील की अनुषंगी इकाई ‘जमशेदपुर कंटीन्युअस एनीलिंग एंड प्रोसेस प्राइवेट लिमिटेड’ (JCAPCPL) की ठेका कंपनी मेसर्स एमवीएम टेक्नोलॉजी में कार्यरत थे।

मंगलवार को सत्यनारायण ‘बी’ शिफ्ट में ड्यूटी पर थे। चश्मदीदों के अनुसार, ड्यूटी खत्म कर गेट से बाहर निकलते ही वह अचानक चक्कर खाकर गिर पड़े। आनन-फानन में कंपनी की एंबुलेंस से उन्हें टाटा मेन हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

परिजनों का गुस्सा और गेट जाम
बुधवार सुबह परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उनका आरोप है कि घटना के बाद प्रबंधन का कोई भी अधिकारी सुध लेने नहीं पहुंचा। इससे नाराज होकर परिजनों और स्थानीय लोगों ने बर्मामाइंस गेट को जाम कर दिया।

परिजनों की प्रमुख मांगें

मृतक के परिवार को 20 लाख रुपये का नकद मुआवजा।

परिवार के एक सदस्य को स्थायी नौकरी।

वार्ता विफल, आंदोलन की चेतावनी
हंगामे की सूचना पाकर प्रबंधन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और दो दौर की वार्ता हुई। खबरों के अनुसार प्रबंधन पहले 50 हजार और फिर 1 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने पर सहमत हुआ। परिजन इस प्रस्ताव से असंतुष्ट हैं और उन्होंने इसे ‘मजाक’ करार दिया है।

मृतक के परिजनों का कहना है कि जब तक सम्मानजनक मुआवजे पर सहमति नहीं बनती, हम शव का पोस्टमार्टम नहीं होने देंगे। अगर मांगें नहीं मानी गई, तो शव को कंपनी गेट पर लाकर उग्र प्रदर्शन किया जाएगा। फिलहाल गेट पर तनाव बरकरार है और सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल की तैनाती की गई है।

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