केसर-ए-हिन्द जमीन मामले में पूर्व विधायक का उपायुक्त को पत्र, जांच व बुलडोजर कार्रवाई की मांग

KK Sagar
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रामगढ़। केसर-ए-हिन्द जमीन पर कथित अतिक्रमण और अवैध कब्जे को लेकर रामगढ़ के पूर्व विधायक शंकर चौधरी ने गुरुवार को उपायुक्त फैज अक अहमद मुमताज को एक पत्र लिखकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। अपने पत्र में उन्होंने लोहार टोला स्थित लगभग 3 एकड़ केसर-ए-हिन्द जमीन पर अवैध निर्माण, किराया वसूली और प्रशासनिक लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं।

पूर्व विधायक ने पत्र में उल्लेख किया है कि दिनांक 3 जनवरी 2026 को प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “झारखंड जागरण” में लोहार टोला क्षेत्र की केसर-ए-हिन्द जमीन पर अवैध रूप से दुकान, मकान, गुमटी और झोपड़ी बनाकर लोगों के रहने और व्यवसाय करने की खबर छपी थी। इस समाचार के बाद उन्होंने स्वयं मामले की जांच शुरू की, जिसमें यह सामने आया कि काली मंदिर के पूर्व से लेकर पीछे तक तथा सड़क के दोनों ओर की जमीन केसर-ए-हिन्द की है, जिस पर बड़ी-बड़ी डबल स्टोरी इमारतें खड़ी कर दी गई हैं।

पत्र के अनुसार, इन भवनों में रहने या दुकान चलाने वाले लोगों के पास जमीन से संबंधित कोई वैध कागजात नहीं हैं। सभी लोग लोहार टोला के एक दबंग परिवार को हर माह किराया देते हैं और उसी परिवार के आदेश से दुकान, मकान और गुमटी लगाई गई है। आरोप है कि यह परिवार हर महीने करीब दो लाख रुपये की अवैध वसूली करता है।

पूर्व विधायक शंकर चौधरी ने यह भी लिखा कि जब ददन चौबे रामगढ़ के अंचल अधिकारी थे, तब उन्होंने सभी संबंधित परिवारों को नोटिस जारी कर पूछा था कि वे केसर-ए-हिन्द जमीन पर किसके आदेश से रह रहे हैं। उस समय लोगों ने लिखित रूप में अंचल कार्यालय को बताया था कि वे दबंग परिवार के निर्देश पर मकान और दुकान बनाकर रह रहे हैं तथा उन्हें मासिक किराया देते हैं। इसके बाद उस परिवार को भी नोटिस दिया गया, लेकिन उन्होंने लिखित जवाब में जमीन से किसी प्रकार का संबंध या किराया लेने से इनकार कर दिया। इसके बावजूद कथित तौर पर लेन-देन के जरिए मामला रफा-दफा कर दिया गया और निर्माण नहीं तोड़े गए।

पूर्व विधायक ने अपने पत्र में प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि अखबार में समाचार प्रकाशित होने के बाद अंचल कार्यालय और उपायुक्त कार्यालय में हड़कंप मचना चाहिए था, लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि कोई कार्रवाई नहीं हुई।

उन्होंने मांग की है कि रामगढ़ शहर में मौजूद लगभग 50 एकड़ केसर-ए-हिन्द जमीन की व्यापक जांच कराई जाए, अतिक्रमण हटाया जाए और लोहार टोला की जमीन पर बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माण ध्वस्त किए जाएं। साथ ही किराया वसूलने वाले दबंग परिवार के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई कर उन्हें जेल भेजा जाए।

इस पत्र की प्रतिलिपि राज्यपाल झारखंड संतोष कुमार गंगवार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा, झारखंड सरकार के मुख्य सचिव और प्रवर्तन निदेशालय को भी भेजी गई है।

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