पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटी, तेल संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला

Neelam
By Neelam
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मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच सरकार ने पेट्रोल-डीजल को लेकर बड़ा फैसला लिया है। केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी में कटौती की है। पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी को 13 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 3 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। वहीं, डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 10 रुपये प्रति लीटर से घटाकर शून्य कर दी गई है। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचनाओं के मुताबिक ये सभी नए नियम तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं।

पेट्रोल-डीजल पर 10 रुपये प्रति लीटर की एक्साइज ड्यूटी कम

ईरान युद्ध के कारण देश मे डीजल और पेट्रोल की दिक्कत शुरू हो गई है। साथ ही कच्चे तेल की कीमत भी प्रति बैरल 100 डॉलर से ज्यादा है। ऐसे में सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाने का बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर 10 रुपये प्रति लीटर की एक्साइज ड्यूटी कम की है। नए आदेश के बाद अब पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 13 रुपये प्रति लीटर से घटकर 3 रुपये प्रति लीटर हो गई है। वहीं डीजल पर कोई एक्साइज ड्यूटी नहीं लगेगी। डीजल पर लगने वाली 10 रुपये की ड्यूटी को पूरी तरह खत्म कर शून्य कर दिया गया है।

तेल कंपनियों को बड़ी राहत

यह कदम पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच कच्चे तेल की बढ़ती वैश्विक कीमतों से जूझ रही तेल विपणन कंपनियों, एचपीसीएल, बीपीसीएल और आईओसी, को राहत देने के लिए उठाया गया है। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के चलते अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में करीब 50 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि सरकार ने इस संकट के बावजूद अभी तक पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर रखे हैं, जिससे देश में ईंधन विपणन कंपनियां दबाव में थीं। मंत्रालय ने कहा कि यह कटौती तत्काल प्रभाव से लागू होगी।

क्या पेट्रोल-डीजल सस्ते होंगे?

सरकार की ओर से पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कम करने के बाद अब बड़ा सवाल है कि क्या दोनों ईंधन की कीमत भी कम होगी? दरअसल आम उपभोक्ताओं के लिए यह खबर उतनी राहत भरी नहीं हो सकती जितनी दिख रही है। इसका मुख्य कारण तेल विपणन कंपनियों को हो रहा भारी घाटा है। वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई हैं। इस कारण भारतीय तेल कंपनियां हर लीटर पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर करीब 48.8 रुपये का नुकसान उठा रही हैं। सरकार की ओर से दी गई 10 रुपये की यह राहत कंपनियां अपने घाटे को कम करने के लिए इस्तेमाल करेंगी। इसका सीधा मतलब है कि ग्राहकों को सीधे तौर पर कीमतों में कटौती का लाभ मिलना मुश्किल है।

क्या होता है एक्साइज ड्यूटी

पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी (उत्पाद शुल्क) केंद्र सरकार द्वारा लगाया जाने वाला एक टैक्स है। इसे लगाने के पीछे मुख्य उद्देश्य राजस्व इकट्ठा करना है, जिसका उपयोग देश के विकास, बुनियादी ढांचे, रक्षा और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लिए किया जाता है।

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