जनता दल यूनाईटेड (जेडीयू) के नेता हरिवंश नारायण सिंह एक बार फिर राज्यसभा सांसद बनाए गए हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने हरिवंश नरायण सिंह को राज्यसभा के लिए नामित किया है। राज्यसभा के डिप्टी चेयरमैन (उपसभापति) और जेडीयू के वरिष्ठ नेता हरिवंश नारायण सिंह का कार्यकाल 9 अप्रैल को समाप्त हुआ था।
राज्यसभा में लगातार तीसरा कार्यकाल
यह नामांकन संविधान के प्रावधानों के तहत किया गया है। राष्ट्रपति को संविधान के अनुच्छेद के तहत उच्च सदन में विशेष योगदान देने वाले व्यक्तियों को नामित करने का अधिकार प्राप्त है। हरिवंश नारायण सिंह का कार्यकाल 9 अप्रैल को समाप्त हुआ था। आज 10 अप्रैल को राष्ट्रपति के मनोनीत किए जाने के बाद वह एक बार फिर राज्यसभा के सदस्य बनाए गए हैं। जिसके बाद राज्यसभा में लगातार तीसरा कार्यकाल शुरू करेंगे।
कौन हैं हरिवंश नारायण सिंह
हरिवंश नारायण सिंह का जन्म 30 जून 1956 में उत्तर प्रदेश के बलिया में हुआ। उन्होंने प्राथमिक शिक्षा गांव से सटे टोला काशी राय स्थित स्कूल से शुरू की। उसके बाद जेपी इंटर कालेज सेवाश्रम (जयप्रकाशनगर) से 1971 में हाईस्कूल पास करने के बाद वे वाराणसी पहुंचे। यूपी कॉलेज से इंटरमीडिएट और उसके बाद काशी हिंदू विश्वविद्यालय से ग्रेजुएट किया और पत्रकारिता में डिप्लोमा की डिग्री हासिल की।
राजनीति और पत्रकारिता के क्षेत्र में सम्मानजनक नाम
वरिष्ठ पत्रकार, लेखक और राजनेता हरिवंश नारायण सिंह का नाम देश की राजनीति और पत्रकारिता दोनों क्षेत्रों में सम्मान के साथ लिया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत टाइम्स ग्रुप से की थी। साल 1981-84 तक हैदराबाद और पटना में बैंक ऑफ इंडिया में नौकरी की। साल 1984 में इन्होंने पत्रकारिता में वापसी की। इसके बाद बिहार के एक बड़े मीडिया प्रभात खबर से जुड़े, जहां पर उन्होंने 2 दशक से ज़्यादा समय तक काम किया। इसी दौरान वो नीतीश कुमार के करीब आए।
2014 में पहली बार राज्यसभा पहुंचे
2014 में जनता दल यूनाईटेड (जदयू) ने बिहार से पहली बार राज्यसभा में भेजा था। वे 9 अगस्त 2018 को राज्यसभा के उप सभापति पद के लिए पहली बार निर्वाचित हुए थे। इससे बाद वे 14 सितंबर 2020 को दूसरी बार राज्यसभा के उप सभापति निर्वाचित हुए।

