भारत और यूरोपीय संघ (EU) ने आज एक महत्वपूर्ण मुक्त व्यापार समझौता (Free Trade Agreement – FTA) पर सहमति जताई है। इसे दोनों पक्षों ने “मदर ऑफ ऑल डील्स” बताया है, जो करीब 19 साल तक चली बातचीत के बाद हासिल हुआ है। इसके तहत भारत और EU के बीच व्यापारिक संबंधों को और मजबूत किया जाएगा और कई सामानों पर आयात शुल्क में भारी कटौती होगी।
📉 आम आदमी को मिलेंगे सस्ते सामान
इस डील के लागू होने से यूरोप से आयात होने वाले कई उत्पादों पर भारत में टैरिफ कम या हटाया जा रहा है, जिससे उनके दाम गिरने की संभावना है।
🍷 खास चीज़ें जो होगी सस्ती
वाइन: आयात शुल्क 150% से घटाकर 20-30% तक होगा।
स्पिरिट्स (वोडका, व्हिस्की आदि): टैरिफ 150% से 40% तक गिराया जाएगा।
बीयर: आयात टैक्स 110% से घटाकर 50% किया जाएगा।
👉 इसका मतलब है कि प्रीमियम यूरोपियन शराब और बीयर अब भारत में पहले से काफी सस्ती मिल सकती हैं।
🍝 अन्य रोज़मर्रा के सामान
ऑलिव ऑयल, मार्जरीन और वेजिटेबल ऑयल: आयात शुल्क उनकी कीमतों से पूरी तरह हटाया जाएगा।
प्रोसैस्ड फूड्स (पास्ता, चॉकलेट, बिस्किट्स): टैरिफ ज़ीरो होगा।
फ्रूट जूस और नॉन-अल्कोहलिक ड्रिंक: शुल्क हटाया जाएगा।
🚗 लग्ज़री कारों पर बड़ी राहत
यूरोप से आयात होने वाली कारों पर वर्तमान में 110% टैक्स लगता है, जिसे 10% तक कम किया जाएगा (कुछ शर्तों के साथ)।
💡 क्या और सस्ता होगा?
इस समझौते में ड्यूटी कटौती सिर्फ शराब या फूड तक सीमित नहीं है।
✔ दवाइयाँ और मेडिकल मशीनरी: शुल्क घटने से उच्च-तकनीक दवाइयाँ और उपकरणों की कीमतों में कमी संभव।
✔ मशीनरी, केमिकल्स और इलेक्ट्रॉनिक्स: इन पर लगे टैरिफ भी कई उत्पादों के लिए अंततः शून्य कर दिए जाएंगे।
📊 समझौते का बड़ा अर्थ
यह डील करीब 96% से अधिक वस्तुओं पर टैक्स में कटौती करती है।
दोनों ओर से व्यापार में वृद्धि की उम्मीद है, जिससे भारत के निर्यात में भी बढ़ोतरी हो सकती है।
इससे भारत-EU के बीच व्यापारिक रिश्ते और मजबूत होंगे और उपभोक्ताओं को सस्ते विकल्प उपलब्ध होंगे।
भारत-EU ट्रेड डील से यूरोपीय शराब, बीयर, फूड प्रोडक्ट्स, ऑलिव ऑयल और कई उच्च-मूल्य वस्तुओं में कीमतों में गिरावट आने के संकेत हैं। यह कदम भारतीय उपभोक्ताओं के लिए सामानों की उपलब्धता और किफायती दामों में सुधार ला सकता है।

