February 27, 2024

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संत जेवियर्स स्कूल की छात्रा खुदखुशी मामले में अभिभावक संघ ने खोला मोर्चा : झारखंड राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग से शिकायत कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की

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मिरर मीडिया : संत जेवियर्स स्कूल की छात्रा खुदखुशी के मामले में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के बाद अब झारखंड अभिभावक संघ ने स्कूल प्रबंधन व शिक्षिका के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है

बता दें कि इस बाबत संघ के जिला अध्यक्ष कैप्टन प्रदीप मोहन सहाय ने झारखंड राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष काजल यादव एवं सदस्य उज्ज्वल तिवारी को पत्र लिखा है। उन्होंने पत्र में कमेटी बनाकर मामले की जांच कराने व दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

ईमेल के जरिये भेजे पत्र में उन्होंने कहा है कि पूरे मामले की जांच अति आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ऐसे निजी स्कूलों की तानाशाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

पत्र में उन्होंने लिखा है कि 10 वीं की छात्रा उषा कुमारी के माथे पर छोटी सी बिंदी देखकर शिक्षिका सिंधु भड़क गई और उन्होंने सभी छात्रों के बीच उसे थप्पड़ से मारते हुए कैंपस से बाहर निकाल दिया. उसकी मां ने शिकायत की तो प्रिंसिपल ने उसे टीसी देकर स्कूल से ही निष्कासित कर दिया। अपमानित होना वह सहन नहीं कर सकी और संताप में उसने आत्महत्या कर ली।

उन्होंने कहा कि इस ह्रदय विदारक घटना से पूरे झारखंड के अभिभावक मर्माहत हैं। उन्होंने सरकार से इस घटना की न्यायिक जांच कराने व स्कूल के प्रिंसिपल एवं शिक्षिका के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

गौरतलब है कि हनुमानगढ़ी निवासी धनबाद सेंट जेवियर्स स्कूल तेतुलमारी की 10 वीं कक्षा की 17 वर्षीय छात्रा उषा कुमारी सोमवार 10 जुलाई के दिन बिंदी लगाकर स्कूल जाने पर विद्यालय की शिक्षिका के डांटे जाने एवं थप्पड़ मारे जाने के बाद उषा ने अपने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी।

वहीं छात्रा ने तेतुलमारी थाना प्रभारी के नाम विद्यालय की शिक्षिका सिंधु मैडम पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए सुसाइड नोट्स भी लिखा। दूसरे दिन मंगलवार को छात्रा का शव सड़क पर रख परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर कार्रवाई व आरोपी शिक्षिका को गिरफ्तार करने की मांग की। लोगों ने स्कूल के सामने सड़क जाम कर दी व घटना के लिए जिम्मेदार स्कूल की शिक्षिका पर कार्रवाई की मांग की।

इधर इस संबंध में स्कूल के प्रिंसिपल कि माने तो
सुबह छात्रा को उसकी मां के साथ घर भेज दिया गया था। घर में किस बात को लेकर उसने ऐसा कदम उठाया, मुझे नहीं पता। उन्होंने कहा कि विद्यालय में नियमों के अनुसार पठन-पाठन होता है।

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