स्कूलों के गेट पर ‘तंबाकू मुक्त’ लिखना अनिवार्य, लापरवाही पड़ेगी भारी

Manju
By Manju
2 Min Read

डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : सरायकेला स्थित टाउन हाल में तम्बाकू मुक्त शिक्षण संस्थान के गाईडलाइन का अनुपालन करने को लेकर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया।

31 मार्च की डेडलाइन: लापरवाही पड़ी तो नपेंगे प्राचार्य
​कार्यशाला के मुख्य अतिथि प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी दिनेश कुमार ने दो टूक शब्दों में जिले के तमाम स्कूल प्राचार्यो को चेतावनी दे दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 31 मार्च 2026 तक स्कूल के मुख्य द्वार पर ‘तंबाकू मुक्त संस्थान’ का दीवार लेखन अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि अगर निरीक्षण के दौरान किसी भी स्कूल में यह दीवार लेखन नहीं मिला, तो प्राचार्य पर सीधी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इसे किसी भी सूरत में हल्के में न लें।

गाइडलाइन का ज्ञान, पर अतिथि सत्कार शून्य
​500 से अधिक शिक्षकों को स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय के संशोधित TOFEI दिशानिर्देशों की जानकारी दी गई। बताया गया कि युवाओं को नशे की लत से कैसे बचाना है। लेकिन दूसरों को स्वस्थ रखने का पाठ पढ़ा रहे विभाग ने दूर-दराज से आए शिक्षकों के लिए पीने के पानी तक की व्यवस्था नहीं की।

अनुशासन’ और ‘असंतोष’ एक साथ
​साढ़े चार घंटे तक चली इस मैराथन कार्यशाला में शिक्षकों का धैर्य तब जवाब दे गया, जब उन्हें न भोजन मिला और न पानी। भूखे-प्यासे शिक्षक आयोजन के बीच से ही लौटने को मजबूर हुए।

शिक्षकों का आरोप: हम घंटों बैठे रहे, पर एक गिलास पानी पूछने वाला कोई नहीं था।

आयोजन समिति की सफाई: अशोक कुमार ने माना कि व्यवस्था की गई थी, लेकिन वह समय पर नहीं पहुंच सकी।

विभाग स्कूलों के द्वार पर ‘तंबाकू मुक्त’ लिखवाने के लिए जितना गंभीर है, काश उतनी ही गंभीरता शिक्षकों के सम्मान और बुनियादी व्यवस्थाओं के प्रति भी दिखाई जाती। अनुशासन का यह चाबुक तब और प्रभावी लगता, जब आयोजन प्रबंधन भी उसी ‘गाइडलाइन’ के अनुरूप होता।

Share This Article