48 घंटे के अंदर सड़क दुर्घटना की सूचना रिपोर्ट ट्रिब्यूनल को भेजना आवश्यक अन्यथा थाने के अधिकारी पर हो सकती है कार्रवाई

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समाज के प्रति हम सबकी जिम्मेवारी है। इसे समय पर पूरा करना हमारा कर्तव्य

झारखंड विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश पर जिला स्तरीय मल्टी स्टेक होल्डर कंसल्टेशन कार्यक्रम आयोजित

मिरर मीडिया : झारखंड विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश पर आज न्यू टाउन हॉल में एकदिवसीय जिला स्तरीय मल्टी स्टेक होल्डर कंसल्टेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसका उद्घाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राम शर्मा, उप विकास आयुक्त शशि प्रकाश सिंह, ग्रामीण एसपी रेष्मा रमेशन, बार एसोसिएशन के महासचिव जीतेन्द्र कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया।

इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शर्मा ने कहा कि समाज के प्रति हम सबकी जिम्मेवारी है। इसे समय पर पूरा करना हमारा कर्तव्य है। उन्होंने एमएसीटी एक्ट पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सड़क दुर्घटना में समय पर कागजात कोर्ट में जमा नहीं किए जाने के कारण मृतकों के परिजनों को मुआवजा नहीं मिल पाता है। पुलिस पदाधिकारियों को संदेश देते हुए कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा है कि सड़क दुर्घटना के मामले में किसी भी हालत में 48 घंटे के अंदर दुर्घटना सूचना रिपोर्ट ट्रिब्यूनल को भेज देनी है, अन्यथा थाने के अधिकारी पर कार्रवाई हो सकती है। उन्होंने कहा कि यदि समय पर पुलिस ऐसा कर दें तो मृतक के परिजनों को तमाम मुश्किलों का सामना नहीं करना पड़ेगा। यह समाज के प्रति हमारा कर्तव्य है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में केवल 6 मामलों में विभिन्न थानों द्वारा दुर्घटना सूचना रिपोर्ट दायर की गई थी। थाना प्रभारियों को कहा कि किसी भी मामले को लंबित रखने के बजाय उस पर त्वरित कार्यवाही कर अदालत में जल्द से जल्द अंतिम प्रतिवेदन रिपोर्ट या चार्जशीट दायर कर दी जानी चाहिए जिससे लोगों को त्वरित न्याय दिया जा सके।

इस अवसर पर उप विकास आयुक्त शशि प्रकाश सिंह ने कहा कि समाज के कमजोर वर्ग के लोग इतने मजबूत नहीं होते कि वह अपने अधिकारों के लिए सक्षम तरीके से लड़ाई लड़ सके। जिला विधिक सेवा प्राधिकार उनको स्वस्थ, सुलभ और सस्ता न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। कहा कि सरकारी योजनाओं का ज्यादा से ज्यादा लाभ लोगों तक पहुंचे उसके लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार कृत संकल्पित है।

धनबाद पोक्सो के विशेष न्यायाधीश प्रभाकर सिंह ने कहा कि दुष्कर्म पीड़ितों के अधिकार की सुरक्षा में न्यायपालिका का अहम रोल है। अनुसंधान में चूक के कारण कई अपराधी अपराध करके बच जाते हैं। उन्होंने कार्यशाला में उपस्थित पुलिस पदाधिकारियों को अनुसंधान की बारीकियों के बारे में भी बताया। कहा कि नाबालिग से दुराचार के मामले में पुलिस पदाधिकारियों का दायित्व है कि वे चौबीस घंटे के अंदर पीड़िता की मेडिकल जांच कराएं और उसकी उम्र निर्धारण के लिए संबंधित दस्तावेज एकत्रित करें।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए बार एसोसिएशन के महासचिव जीतेन्द्र कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन व बार एसोसिएशन के सहयोग से जिला विधिक सेवा प्राधिकार समाज के निचले स्तर तक के लोगों तक न्याय पहुंचाने का काम कर रहा है और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जा रहा है। कहा कि समाज के हर तबके को न्याय दिलाने के लिए एसोसिएशन न्यायपालिका और प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहा है। लोगों को न्याय दिलाने में अधिवक्ताओं का अहम रोल है।

जिला समाज कल्याण पदाधिकारी स्नेह कश्यप ने बच्चों के संबंध में नालसा द्वारा चलाए जा रहे फोस्टर केयर प्रोजेक्ट, शिशु प्रोजेक्ट के साथ साथ अन्य योजनाओं की जानकारी दी। वहीं बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष उत्तम मुखर्जी ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

इसके पूर्व मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी धनबाद संजय कुमार सिंह के द्वारा सभी का स्वागत किया गया। मंच संचालन प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी अनुष्का जैन व धन्यवाद ज्ञापन अवर न्यायाधीश निताशा बारला ने किया।

इस मौके पर कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश तोफिकुल हसन, अवर प्रधान न्यायाधीश प्रेमलता त्रिपाठी, लेबर जज नीरज कुमार श्रीवास्तव, जिला एवं सत्र न्यायधीश सुजीत कुमार सिंह, प्रभाकर सिंह, रजनीकांत पाठक, नीरज कुमार विश्वकर्मा, अखिलेश कुमार, स्वंयभू, राजकुमार मिश्रा, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी संजय कुमार सिंह, अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कुलदीप, अवर न्यायाधीश राजीव त्रिपाठी, सफदर अली नायर, शिवम चौरसिया, स्वेता कुमारी, ऐंजोलिना जाॅन, अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी अभिषेक श्रीवास्तव, रेलवे न्यायिक दंडाधिकारी अंकित कुमार सिंह, प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी एम जिया तारा, प्रतिमा उरांव, पूनम कुमारी, मनोज कुमार, इंदवार, राकेश रौशन, निर्भय प्रकाश, सुमन्त दिक्षित, आयशा सिंह सरदार, दिव्या अश्वनि, दिव्या राघव, विवेक राज, प्रज्ञेश निगम, सिद्धांत तिग्गा, संतोषणी मुर्मू, पूजा पांडे, अभिनव त्रिपाठी, सिविल कोर्ट रजिस्टर एसएस तिर्की, डीएसपी मुख्यालय एक अमर कुमार पांडेय, ट्रैफिक डीएसपी राजेश कुमार, सभी थानों के थाना प्रभारी व अवर पुलिस निरीक्षक पद के पदाधिकारी, अपर लोक अभियोजक, अवधेश कुमार, मो जब्बार हुसैन, सहायक लोक अभियोजक उमेश दीक्षित, राजीव उपाध्याय, सोनी कुमारी, समित प्रकाश, रोहित आनंद, उदय प्रकाश, सौरव विशाल सामत, प्रीतम कुमार बंटी, मनिंदर कुमार, लीगल ऐड डिफेंस कांउसिल के चीफ डाॅ कुमार विमलेंदू, डिप्टी चीफ लीगल ऐड डिफेंस कांउसिल अजय कुमार भट्ट, सहायक लीगल ऐड डिफेंस कांउसिल कन्हैया लाल ठाकुर, नीरज गोयल, शैलेंद्र झा, सुमन पाठक, मुस्कान चोपडा, स्वाती कुमारी, बाल कल्याण समिति के सदस्य मीरा सिन्हा, ममता अरोडा, पैनल अधिवक्ता संजीव पांडे, सोनिया कुमारी, संदीप कुमार, कोर्ट मैनेजर मनीष सिन्हा, नाजीर अनिल कुमार, नायब नाजीर नलीन मिश्रा,
डालसा सहायक सौरव सरकार, अरुण कुमार, संजय सिन्हा, अनुराग पांडे, अक्षय कुमार, हेमराज चौहान, चंदन कुमार, राजेश कुमार सिंह, डीपेंटी गुप्ता, गीता कुमारी सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

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