डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : शहर के साकची स्थित ‘मेडिसिस्ट ईएनटी एंड जनरल हॉस्पिटल’ में मंगलवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक मरीज के परिजनों ने ड्यूटी पर तैनात ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. बीमरजीत प्रधान के साथ कथित तौर पर मारपीट की। इस घटना के बाद से स्थानीय डॉक्टरों में भारी रोष है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए सुरक्षा पुख्ता न होने पर कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार दोपहर कुछ युवक जबरन डॉ. बीमरजीत प्रधान के चैंबर में घुस गए। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर की लापरवाही के कारण मरीज की हालत बिगड़ी। बहस देखते ही देखते हाथापाई में बदल गई, जिसमें डॉक्टर को चोटें आई हैं। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी युवक मौके से फरार हो गए। सूचना मिलते ही साकची थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।
मरीज राजहंस कुमार के परिजनों का कहना है कि 24 अप्रैल मेडिसिस्ट अस्पताल में मरीज का टॉन्सिल ऑपरेशन हुआ। परिजनों के अनुसार ऑपरेशन के बाद से ही मरीज को लगातार ब्लीडिंग (खून बहना) हो रही थी। स्थिति गंभीर होने पर मरीज को टाटा मेन हॉस्पिटल में भर्ती कराना पड़ा। परिजन अब TMH में हो रहे इलाज के खर्च की भरपाई मेडिसिस्ट अस्पताल से करने की मांग कर रहे हैं।
IMA का पक्ष: डॉक्टरों पर हमला बर्दाश्त नहीं
IMA के महासचिव डॉ. सौरभ चौधरी ने अस्पताल पहुंचकर घटना का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि मरीज को ऑपरेशन के बाद छुट्टी दी गई थी, लेकिन 29 अप्रैल को ब्लीडिंग की शिकायत पर दोबारा इलाज कर स्थिति नियंत्रित की गई थी। 3 मई को स्थिति फिर बिगड़ने पर उसे बेहतर इलाज के लिए TMH रेफर किया गया था। IMA पदाधिकारी का कहना है कि डॉक्टरों पर बढ़ते हमले चिंताजनक हैं। हमने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। अगर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो हम आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। फिलहाल मरीज की हालत स्थिर बताई जा रही है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर डॉक्टर-मरीज के बीच बढ़ते अविश्वास और कार्यस्थल पर डॉक्टरों की सुरक्षा के सवाल को गरमा दिया है।

