जमशेदपुर मर्डर केस अपडेट: 9 गिरफ्तारियों के बाद मुख्य आरोपित विश्वनाथ मंडल ने अदालत में किया सरेंडर, पूछताछ में खुलेंगे कई राज, भाजपा नेता नीरज सिंह से पूछताछ तेज

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर : बिष्टुपुर थाना क्षेत्र स्थित ‘डीडी बार’ के बाहर हुए बहुचर्चित हिमांशु सिंह हत्याकांड में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। मामले के मुख्य साजिशकर्ता और ₹2 लाख रुपये के इनामी अपराधी विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा ने बुधवार को पुलिस को छकाते हुए जमशेदपुर व्यवहार न्यायालय (कोर्ट) में आत्मसमर्पण कर दिया। सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया का रहने वाला विश्वनाथ मंडल पुलिस की एसआईटी के लिए लंबे समय से सिरदर्द बना हुआ था।
​दूसरी ओर राजस्थान से ट्रांजिट रिमांड पर लाए गए डीडी बार के मालिक सह भाजपा नेता नीरज सिंह का बुधवार को एमजीएम अस्पताल में चिकित्सीय परीक्षण कराया गया। मेडिकल जांच के बाद एसआईटी की टीम उन्हें वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष गहन पूछताछ के लिए ले गई है।

राजस्थान से ट्रांजिट रिमांड पर लाए गए नीरज सिंह
​भाजपा नेता नीरज सिंह को झारखंड पुलिस की टीम ने रविवार को राजस्थान से उस वक्त गिरफ्तार किया था, जब वह अपने बेटे के साथ खाटू श्याम मंदिर दर्शन के लिए जा रहे थे। गिरफ्तारी के बाद सीकर कोर्ट से पुलिस ने चार दिनों की ट्रांजिट रिमांड हासिल की और मंगलवार को उन्हें जमशेदपुर लाया गया। फिलहाल एमजीएम थाने में उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है। इस मामले में बार के प्रबंधक विजय कुमार को भी पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है।

पुलिस की मौजूदगी में हुआ था खूनी हमला
​यह खूनी वारदात 27 जून की रात डीडी बार परिसर में हुई थी। पुलिस के मुताबिक हिमांशु सिंह, प्रत्युष आनंद और उनके दो साथियों का दूसरे पक्ष के युवकों के साथ विवाद हो गया था। देखते ही देखते आरोपितों ने कुल्हाड़ी, चाकू, चापड़ जैसे धारदार हथियारों से जानलेवा हमला कर दिया। हैरान करने वाली बात यह रही कि यह पूरी घटना मौके पर पुलिस की मौजूदगी में हुई। हमले में गंभीर रूप से घायल हिमांशु सिंह ने 29 जून को टाटा मेन हॉस्पिटल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जिसके बाद शहर में भारी आक्रोश फैल गया। वहीं गंभीर रूप से घायल दूसरे युवक प्रत्युष आनंद का इलाज फिलहाल कोलकाता के अपोलो अस्पताल में चल रहा है।

इन आरोपितों के खिलाफ दर्ज है प्राथमिकी
​मृतक हिमांशु सिंह के पिता अरविंद सिंह की शिकायत पर बिष्टुपुर थाने में हत्या और जानलेवा हमले की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। प्राथमिकी में नामजद है।
​नीरज सिंह (बार मालिक)
​विजय कुमार (बार प्रबंधक)
​विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा (मुख्य साजिशकर्ता)
​सोनू राम सरदार
​राज लोहार
​राहुल, अमित लोहार, अर्जुन लोहार, गणेश लोहार, लखन मार्डी तथा अन्य अज्ञात।

अब तक की कार्रवाई: पुलिस इस मामले में तीन किशोरों (नाबालिगों) समेत सोनू राम सरदार और राज लोहार को गिरफ्तार कर पहले ही न्यायिक हिरासत में जेल भेज चुकी है। अब तक कुल 9 आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

एसआईटी की छापेमारी और आगे के खुलासे की उम्मीद
​विश्वनाथ मंडल की गिरफ्तारी के लिए गठित एसआईटी ने झारखंड के अलावा कोलकाता और बेंगलुरु सहित कई राज्यों में लगातार छापेमारी की थी। पुलिस ने दबाव बनाने के लिए उसके परिजनों से भी पूछताछ की थी। नीरज सिंह की गिरफ्तारी के बाद बिष्टुपुर थाना परिसर में एएसपी ऋषभ द्विवेदी के नेतृत्व में एसआईटी की एक उच्च स्तरीय बैठक हुई, जिसमें फरार आरोपितों की धरपकड़ और अनुसंधान की प्रगति की समीक्षा की गई। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि मुख्य आरोपित विश्वनाथ मंडल के आत्मसमर्पण के बाद अब इस हत्याकांड से जुड़े कई बड़े और नए खुलासे होने की उम्मीद है।

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