डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित संयुक्त असैनिक सेवा प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा की तारीखों का ऐलान कर दिया गया है। यह परीक्षा आगामी 19 अप्रैल (रविवार) को राज्य के सभी 24 जिलों में आयोजित की जाएगी। प्रशासन ने परीक्षा के सफल और पारदर्शी आयोजन के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं।
60 केंद्रों पर 26 हजार से ज्यादा परीक्षार्थी
जमशेदपुर शहर की बात करें तो यहां कुल 60 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां लगभग 26,560 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। आयोग ने अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए 8 अप्रैल को ही ‘एग्जाम सिटी इंफॉर्मेशन स्लिप’ जारी कर दी थी। सरायकेला-खरसावां और जामताड़ा जैसे पड़ोसी जिलों के अभ्यर्थियों के परीक्षा केंद्र भी जमशेदपुर के आसपास ही रखे गए हैं।
हाई-टेक निगरानी: CCTV और बायोमेट्रिक हाजिरी
नकल रोकने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आयोग ने कड़े सुरक्षा मानक अपनाए हैं।
CCTV कवरेज: सभी परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा से एक दिन पहले ही सीसीटीवी कैमरे लगा दिए जाएंगे।
बायोमेट्रिक सिस्टम: अभ्यर्थियों की उपस्थिति बायोमेट्रिक मशीन के जरिए दर्ज की जाएगी।
फ्लाइंग स्क्वायड: केंद्रों पर मजिस्ट्रेट, पुलिस बल और फ्लाइंग स्क्वायड की तैनाती रहेगी।
क्या होगा परीक्षा का पैटर्न?
यह परीक्षा दो पालियों में होगी और पूरी तरह वस्तुनिष्ठ आधारित होगी।
पेपर-1 (सामान्य अध्ययन-I): सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक। इसमें भारत का इतिहास, भूगोल, राजव्यवस्था, अर्थव्यवस्था और विज्ञान-प्रौद्योगिकी से जुड़े प्रश्न होंगे।
पेपर-2 (सामान्य अध्ययन-II): दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक। इसमें मुख्य रूप से झारखंड के इतिहास, समाज और संस्कृति से संबंधित प्रश्न पूछे जाएंगे।
विशेष नोट: प्रत्येक पेपर 200 अंकों का होगा। राहत की बात यह है कि परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग नहीं है, लेकिन एक से अधिक विकल्प चुनने पर उत्तर गलत माना जाएगा।
परीक्षार्थियों के लिए जरूरी निर्देश
एडमिट कार्ड और आईडी: अभ्यर्थियों को केंद्र पर केवल एडमिट कार्ड और एक वैध फोटो पहचान पत्र साथ ले जाने की अनुमति होगी।
वर्जित वस्तुएं: मोबाइल फोन या किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस परीक्षा हॉल में पूरी तरह प्रतिबंधित हैं।
समय का ध्यान: अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे रिपोर्टिंग समय के अनुसार केंद्र पर पहुंचें ताकि बायोमेट्रिक प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके।
पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा को निष्पक्ष और कदाचार मुक्त बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

