डिजिटल डेस्क/सरायकेला : 1 जनवरी 2026 की सुबह खरसावां के शहीद स्थल पर श्रद्धा और समर्पण का एक अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिला। खरसावां के शहीदों की बरसी पर हजारों की संख्या में लोग श्रद्धांजलि देने पहुंचे। परंपरा के अनुसार, सबसे पहले बेहरासाही के दिउरी विजय सिंह बोदरा ने विधिवत पूजा-अर्चना की, जिसके बाद आम लोगों और राजनीतिक हस्तियों के पुष्पांजलि का सिलसिला शुरू हुआ। कड़ाके की ठंड के बावजूद लोगों की आस्था कम नहीं हुई और बड़ी संख्या में श्रद्धालु नंगे पांव शहीद बेदी तक पहुंचे। प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं, जहां पूरे शहीद पार्क को सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों की निगरानी में रखा गया है।
राजनीतिक दृष्टिकोण से भी यह दिन बेहद महत्वपूर्ण रहा। मुख्यमंत्री सहित राज्य के कैबिनेट मंत्री दीपक बिरुवा, सांसद जोबा माझी और पूर्व मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन व अर्जुन मुंडा जैसे दिग्गज नेताओं का जमावड़ा खरसावां में लगा रहा। शहीद पार्क की मर्यादा बनाए रखने के लिए किसी भी प्रकार के राजनीतिक झंडे या बैनर के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। प्रशासन ने यातायात व्यवस्था के लिए अलग से पार्किंग जोन बनाए हैं ताकि श्रद्धालुओं को परेशानी न हो। शहीद दिवस का यह आयोजन न केवल बलिदानों को याद करने का दिन है, बल्कि यह कोल्हान की सांस्कृतिक और सामाजिक एकजुटता का भी प्रतीक बन गया है। दिन भर शहीदों के सम्मान में विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा सेवा शिविर भी लगाए गए हैं।

