लौहनगरी में याद किए गए नेताजी सुभाष चंद्र बोस, कई संगठनों ने पुष्प अर्पित कर दी श्रद्धांजलि

Anupam Kumar
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जमशेदपुर शहर की विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक, शैक्षणिक और बंगभाषी संगठनों ने रविवार को नेताजी सुभाष चंद्र बोस को स्मरण किया। महान स्वतंत्रता सेनानी के जयंती पर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उनके बताए मार्ग और नेताजी के सपने के भारत के निर्माण में भागीदारी का संकल्प लिया। बंगभाषी संगठनों ने बड़ी सादगी से नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती मनाई। कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सारे सांस्कृतिक कार्यक्रम पहले ही स्थगित कर दिए गए थे। सुभाष सांस्कृतिक परिषद के अध्यक्ष उद्यमी एवं समाजसेवी शेखर डे ने विशेष आयोजन को कोरोना महामारी के बढ़ते मामले को देखते हुए स्थगित कर दिया। कमानी सेंटर बिष्टूपुर में श्रीलेदर्स परिसर में सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं हुआ। नेताजी सुभाष को श्रद्धांजलि देने के बाद शेखर डे दी मिलानी बिष्टुपुर गए। जहां नेताजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। आमबगान साकची मैदान और आदित्यपुर में नेताजी सुभाष के प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। आमबगान मैदान में दिनभर श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा रहा। नेताजी के सपने का भारत बने : शेखर डे दी मिलानी के अध्यक्ष शेखर डे ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने जैसे भारत का सपना देखा था। राष्ट्र की परिकल्पना की थी। वैसा भारत अभी तक नहीं बन सका है। देश के बहुत बड़े चिंतक और दूरदर्शी सोच वाले स्वतंत्रता सेनानी को भारतवासी समझ नहीं सके। देश में उनका सही मूल्यांकन भी नहीं हो सका है।लौहनगरी में याद किए गए नेताजी सुभाष चंद्र बोस
शहर की विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक, शैक्षणिक और बंगभाषी संगठनों ने रविवार को नेताजी सुभाष चंद्र बोस को स्मरण किया। महान स्वतंत्रता सेनानी के जयंती पर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उनके बताए मार्ग और नेताजी के सपने के भारत के निर्माण में भागीदारी का संकल्प लिया।
बंगभाषी संगठनों ने बड़ी सादगी से नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती मनाई। कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सारे सांस्कृतिक कार्यक्रम पहले ही स्थगित कर दिए गए थे। सुभाष सांस्कृतिक परिषद के अध्यक्ष उद्यमी एवं समाजसेवी शेखर डे ने विशेष आयोजन को कोरोना महामारी के बढ़ते मामले को देखते हुए स्थगित कर दिया।
कमानी सेंटर बिष्टूपुर में श्रीलेदर्स परिसर में सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं हुआ। नेताजी सुभाष को श्रद्धांजलि देने के बाद शेखर डे दी मिलानी बिष्टुपुर गए। जहां नेताजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। आमबगान साकची मैदान और आदित्यपुर में नेताजी सुभाष के प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। आमबगान मैदान में दिनभर श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा रहा।
नेताजी के सपने का भारत बने : शेखर डे
दी मिलानी के अध्यक्ष शेखर डे ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने जैसे भारत का सपना देखा था। राष्ट्र की परिकल्पना की थी। वैसा भारत अभी तक नहीं बन सका है। देश के बहुत बड़े चिंतक और दूरदर्शी सोच वाले स्वतंत्रता सेनानी को भारतवासी समझ नहीं सके। देश में उनका सही मूल्यांकन भी नहीं हो सका है।

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