धनबाद में कोयला चोरी के खिलाफ लगातार खुलासा और ईडी की कार्रवाई का व्यापक प्रभाव दिखाई देने लगा है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X पर पोस्ट कर दावा किया कि उनके अभियान के बाद कोयला माफियाओं में भय का माहौल बन गया है, वहीं जनता उनकी इस मुहिम के साथ मजबूती से खड़ी है।
मरांडी ने कहा कि स्थानीय लोगों और समर्थकों से लगातार समर्थन और आभार संदेश मिल रहे हैं। कई लोगों के अनुसार हाल के खुलासों और ईडी की सक्रियता के बाद कोयले की अवैध तस्करी का धंधा धीमा पड़ा है।
मरांडी ने अपनी पोस्ट में लिखा—
“यदि मेरे खुलासों से चोरों में डर पैदा हुआ है तो आगे भी ऐसे खुलासे समय-समय पर जारी रहेंगे।”
उन्होंने यह भी बताया कि कई जागरूक लोगों ने संपर्क कर कहा है कि अभी भी कई शातिर चोर और सरकारी/ग़ैर सरकारी संरक्षणकर्ता पर्दे के पीछे सक्रिय हैं जो कोयला चोरी का नेटवर्क संचालित कर रहे हैं।
“झारखंड की खनिज संपदा को बचाने की लड़ाई हम सबकी है” — मरांडी
बाबूलाल मरांडी ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि यह सिर्फ राजनीतिक मिशन नहीं बल्कि जन आंदोलन है।
उन्होंने खुलकर जानकारी साझा करने की अपील की और कहा कि—
“यदि किसी के पास किसी भी कोयला माफिया या भ्रष्ट अधिकारी की जानकारी है जिसका नाम अब तक उजागर नहीं हुआ है, तो वह बेझिझक मुझे बताए। आपकी पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी।”
मरांडी ने लोगों को अपनी जानकारी मोबाइल नंबर / व्हाट्सएप / डायरेक्ट मैसेज (DM) के माध्यम से साझा करने की बात कही है।
“कोई भी चोर बच नहीं पाएगा” — अभियान और तेज होगा
मरांडी ने चेतावनी देते हुए कहा कि चाहे कोई कितना भी रसूखदार क्यों न हो, देर-सबेर सज़ा जरूर मिलेगी।
उन्होंने दावा किया कि प्राप्त सूचनाओं के आधार पर आगे और कड़े और बड़े खुलासे किए जाएंगे और भ्रष्टाचार तथा अवैध खनन जैसे काले कारोबार पर लगाम लगाने के लिए अभियान और तेज होगा।

