नई दिल्ली: देश में ग्रामीण रोजगार व्यवस्था में आज यानी 1 जुलाई 2026 से बड़ा बदलाव लागू हो गया है। करीब दो दशक से लागू मनरेगा (MGNREGA) की जगह अब विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) – VB-G RAM G कानून ने ले ली है।
नए कानून के तहत ग्रामीण परिवारों को अब 100 दिनों के बजाय 125 दिनों तक रोजगार की गारंटी मिलेगी। सरकार का दावा है कि यह योजना केवल मजदूरी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि कौशल विकास, स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण और ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने पर भी विशेष जोर देगी।
नई व्यवस्था में रोजगार से जुड़े कार्यों की निगरानी के लिए डिजिटल सिस्टम, बेहतर पारदर्शिता और ग्राम स्तर पर अधिक अधिकार देने का प्रावधान किया गया है। मजदूरी का भुगतान पहले की तरह DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से बैंक या डाकघर खाते में किया जाएगा।
हालांकि, इस बदलाव को लेकर कई राज्यों और विपक्षी दलों ने चिंताएं भी जताई हैं। उनका कहना है कि नई व्यवस्था के प्रभाव का आकलन उसके क्रियान्वयन के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

