​नक्सली कमांडर रामदेव लोहरा की फिर से पैर पसारने की साजिश नाकाम, पुलिस ने डुमरी में ऐसे बिछाया जाल

Manju
By Manju
2 Min Read

डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : झारखंड के गुमला जिले में प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन झारखंड जनमुक्ति परिषद को दोबारा खड़ा करने की साजिश पर पुलिस ने पानी फेर दिया है। डुमरी थाना क्षेत्र में चलाए गए एक विशेष सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने संगठन के चार सक्रिय उग्रवादियों को रंगे हाथों धर दबोचा। इस सफलता की सबसे बड़ी कड़ी 5 लाख रुपये के इनामी सबजोनल कमांडर रामदेव लोहरा उर्फ काका की गिरफ्तारी है। मंगलवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में गुमला के पुलिस अधीक्षक हारिस बिन जमां ने इस पूरी कार्रवाई का ब्योरा साझा किया।

लातेहार से गुमला पहुंचे थे उग्रवादी
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि जेजेएमपी के सुप्रीमो रामदेव उरांव की गिरफ्तारी के बाद बिखरे संगठन को एकजुट करने और गुमला में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए कुछ उग्रवादी लातेहार से यहां पहुंचे हैं। इस इनपुट के आधार पर एसपी ने तुरंत एक विशेष टीम का गठन कर संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रखनी शुरू की। जैसे ही उग्रवादियों की सटीक लोकेशन डुमरी क्षेत्र में मिली, पुलिस टीम ने घेराबंदी कर चारों को गिरफ्तार कर लिया।

बरामदगी और गिरफ्तार उग्रवादियों की पहचान
रामदेव लोहरा उर्फ काका: जेजेएमपी का सबजोनल सदस्य (झारखंड सरकार द्वारा 5 लाख रुपये का इनाम घोषित), अरविंद नायक, मुनेश्वर सिंह और जितेंद्र लोहरा। गिरफ्तारी के समय पुलिस ने इनके पास से कई अवैध हथियार और अन्य संदिग्ध सामग्रियां भी जब्त की हैं।

नेटवर्क ध्वस्त करने में जुटी पुलिस
एसपी हारिस बिन जमां के अनुसार पकड़े गए सभी आरोपी संगठन में अहम भूमिका निभा रहे थे। फिलहाल पुलिस इनसे गुप्त स्थान पर पूछताछ कर रही है, ताकि जिले में सक्रिय इनके अन्य मददगारों और नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ा जा सके। पुलिस कप्तान ने साफ किया कि क्षेत्र में उग्रवाद को किसी भी कीमत पर पनपने नहीं दिया जाएगा और इस तरह के अभियान आगे भी सख्ती से जारी रहेंगे।

Share This Article