बिहार के लिए बड़ी खुशखबरी है। पूर्व मध्य रेलवे (ECR) ने पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन (DDU) से झाझा तक लगभग 400 किलोमीटर नई रेलवे लाइन बिछाने की योजना को मंजूरी दे दी है। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के तहत पूरे रूट पर तीसरी और चौथी रेल लाइन का निर्माण किया जाएगा, ताकि ट्रेनों की आवाजाही सुचारू रहे और रूट पर बढ़ते दबाव को कम किया जा सके। परियोजना की कुल लागत तक़रीबन ₹17,000 करोड़ निर्धारित की गई है।
परियोजना का स्वरूप — छह चरण में ट्रैक निर्माण
नई रेल लाइन को छह हिस्सों में बांटकर क्रमिक रूप से विकसित किया जाएगा—
🔹 DDU → दानापुर
🔹 दानापुर → फतुहा
🔹 फतुहा → बख्तियारपुर
🔹 बख्तियारपुर → पुनारख
🔹 पुनारख → किऊल
🔹 किऊल → झाझा
निर्माण की शुरुआत पहले से ही मंजूर दो खंडों से होगी—
✔ बख्तियारपुर–फतुहा (24 किमी) के लिए ₹931 करोड़ स्वीकृत
✔ बख्तियारपुर–पुनारख (30 किमी) के लिए ₹392 करोड़ स्वीकृत
इसके अलावा—
➡ पुनारख–किऊल के लिए लगभग ₹2,514 करोड़
➡ किऊल–झाझा के लिए लगभग ₹903 करोड़ स्वीकृति के अंतिम चरण में है।
✨ प्रोजेक्ट से होने वाले फायदे — रेलवे नेटवर्क में नई रफ्तार
इस प्रोजेक्ट के पूरा होने पर—
🔸 यात्रियों को तेज़ और सुगम ट्रेन सुविधा मिलेगी
🔸 मालगाड़ी व पैसेंजर ट्रेन दोनों के संचालन में तेजी आएगी
🔸 बड़े औद्योगिक क्षेत्रों तक कच्चा माल व उत्पाद समय पर पहुंच पाएंगे
🔸 बिहार में पूर्व–पश्चिम और उत्तर–दक्षिण रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी
🔸 रूट पर भीड़ कम होने से समय-पालन (पंक्चुएलिटी) भी बेहतर होगी
कुल मिलाकर यह रेलवे विस्तार बिहार की अर्थव्यवस्था, व्यापार, उद्योग और रोजगार के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
🛠 आगे की प्रक्रिया — कब शुरू होगा काम?
सूत्रों के अनुसार—
✔ रेलवे बोर्ड ने चरणबद्ध मंजूरी दे दी है
✔ निर्माण कार्य अगले कुछ महीनों में शुरू होने की संभावना
✔ भूमि अधिग्रहण, तकनीकी सर्वे और टेंडर प्रक्रिया अंतिम तैयारी में
✔ सभी चरण पूरे होने के बाद पूरी 400 किमी रेलवे लाइन झाझा तक चालू हो जाएगी

