बिहार में नई सरकार ने गठन के बाद काम को रफ्तार देना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को दानापुर-बिहटा एलिवेटेड कॉरिडोर और शेरपुर-दिघवारा गंगा पुल के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान सीएम नीतीश ने निर्माण कार्यों को तेजी से पूर्ण करने का निर्देश दिया।

दोनों परियोजनाओं के निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी ली
बिहार के दसवीं बार मुख्यमंत्री बने नीतीश कुमार पद संभालने के बाद सबसे पहले राजधानी जिला पटना के मनेर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने दानापुर-बिहटा एलिवेटेड रोड सहित 32 करोड़ की लागत से मनेर के पास बन रहे शेरपुर-दिघवारा पुल का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने दोनों परियोजनाओं के निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी ली। अधिकारियों ने उन्हें अवगत कराया कि निर्माण कार्य तेज गति से चल रहा है और किसी प्रकार की कोई बाधा नहीं है।
शेरपुर-दिघवारा पुल से पटना-सारण के बीच होगा सीधा संपर्क
बता दें कि शेरपुर-दिघवारा पुल गंगा नदी पर बन रहा छह-लेन का पुल है जो पटना जिले के शेरपुर को सारण जिले के दिघवारा से जोड़ेगा। इसकी कुल लंबाई करीब 14.5 किलोमीटर है। इसका निर्माण पूरा होने पर यह पटना को उत्तर बिहार से सीधे जोड़ेगा और यह पटना रिंग रोड का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। पुल के जरिए पटना और सारण के बीच सीधा संपर्क हो जाएगा। यह पुल उत्तर बिहार और दक्षिण बिहार के बीच यात्रा सुगम बनाएगा, खासकर छपरा, सिवान और गोपालगंज के लिए पटना से यात्रा आसान हो जाएगी। यह पटना रिंग रोड को भी पूरा करेगा, जिससे ट्रैफिक की समस्या कम होगी।
दानापुर-बिहटा एलिवेटेड रोड से मिलेगी हाई-कनेक्टिविटी
दानापुर-बिहटा एलिवेटेड रोड राजधानी पटना की सबसे महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं में से एक है। इससे पटना को हाई-कनेक्टिविटी मिल सकेगी। दानापुर की करीब 2.50 लाख आबादी और बिहटा की करीब 3 लाख आबादी इस एलिवेटेड रोड के बनने से लाभान्वित होंगे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि दानापुर-बिहटा एलिवेटेड कॉरिडोर के पूरा होने से बिहटा से कोइलवर तक आवागमन सुगम हो जाएगा और पटना शहर को राष्ट्रीय राजमार्ग-922 तथा कोइलवर से जोड़ने में सहूलियत मिलेगी। उन्होंने कहा कि परियोजना के तहत बिहटा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए विशेष कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी।
बिहार में इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने की कोशिश- नितिन नबीन
मौके पर मौजूद पथ निर्माण मंत्री नितिन नबीन ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में विभाग ग्रामीण इलाकों को शहरों से जोड़ने, पर्यटन स्थलों तक बेहतर मार्ग उपलब्ध कराने और औद्योगिक गलियारों को राज्य के अन्य हिस्सों से जोड़ने की योजनाओं पर तेजी से काम कर रह है। अगले पांच सालों में निर्माण गुणवत्ता की निगरानी के लिए डिजिटल सिस्टम अपनाए जाएंगे और सड़क सुरक्षा मानकों को कड़ाई से लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की यह कोशिश बिहार में इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने और विकास को नई दिशा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस परियोजना के समय पर पूरा होने से पटना और बिहटा के बीच आवागमन में आसानी होगा और क्षेत्र का विकास भी तेज होगा।

