स्लीपर ही नहीं, AC कोच भी फुल, टाटा नगर से खुलने वाली इन ट्रेनों में लंबी वेटिंग, हवाई किराया भी आसमान पर

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : अगर आप इस समर सीजन की छुट्टियां बिताकर घर लौटने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। स्कूलों के दोबारा खुलने की तारीख 15 जून नजदीक आते ही ट्रेनों में अचानक यात्रियों का भारी हुजूम उमड़ पड़ा है। स्थिति यह है कि अब ट्रेनों में स्लीपर से ज्यादा AC कोचों में कंफर्म टिकट मिलना नामुमकिन सा हो गया है। रेलवे द्वारा कई स्पेशल ट्रेनें चलाने और फेरे बढ़ाने के बावजूद, टाटानगर और दक्षिण पूर्व रेलवे से गुजरने वाली ट्रेनों में पैर रखने तक की जगह नहीं मिल रही है।

इन प्रमुख ट्रेनों में हर क्लास हाउसफुल, वेटिंग लिस्ट 80 के पार
​टाटानगर और आस-पास के रूट पर चलने वाली कई एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट का आंकड़ा 80 से ऊपर निकल चुका है। इन प्रमुख गाड़ियों में टिकट मिलना इस समय सबसे मुश्किल है
​आजाद हिंद एक्सप्रेस: (12129 पुणे-हावड़ा / 12130 हावड़ा-पुण)
​अहमदाबाद-हावड़ा सुपरफास्ट: (12833 अहमदाबाद-हावड़ा / 12834 हावड़ा-अहमदाबाद)
​गीतांजलि एक्सप्रेस: (12859 सीएसएमटी-हावड़ा / 12860 हावड़ा-सीएसएमटी)
​साउथ बिहार एक्सप्रेस: (13287 दुर्ग-आरा / 13288 आरा-दुर्ग)
​शालिमार-लोकमान्य तिलक टर्मिनल: (12102 शालिमार-एलटीटी / 12101 एलटीटी-शालिमार)

हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि आरक्षित डिब्बों का नजारा भी जनरल बोगियों जैसा दिखने लगा है। कंफर्म टिकट वाले यात्रियों को भी अपनी सीट तक पहुंचने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ रही है।

हवाई सफर भी हुआ पहुंच से बाहर, किराया 15,000 तक पहुंचा
​ट्रेनों में टिकट न मिलने का सीधा असर अब हवाई किरायों पर दिख रहा है। मजबूरी में लोग फ्लाइट का रुख कर रहे हैं, जिसका फायदा उठाकर एयरलाइंस ने दाम आसमान पर पहुंचा दिए हैं। जमशेदपुर आने के लिए लोगों को रांची या कोलकाता की फ्लाइट लेनी पड़ रही है। ​सामान्य दिनों के मुकाबले इस समय टिकटों के दाम 10 हजार से लेकर 15 हजार रुपये तक पहुंच चुके हैं।

रेलवे अधिकारियों का क्या है कहना?
​सफर के दौरान यात्रियों को हो रही दिक्कतों और बढ़ती शिकायतों पर रेलवे प्रशासन भी नजर बनाए हुए है। आदित्य चौधरी सीनियर डीसीएम, चक्रधरपुर रेल मंडल के मुताबिक वेटिंग लिस्ट को देखते हुए कई ट्रेनों में अतिरिक्त कोच बढ़ाए गए हैं ताकि यात्रियों को सहूलियत हो। समर स्पेशल ट्रेनें भी चलाई जा रही हैं। अगर आगे भी जरूरत महसूस हुई, तो रेलवे बोर्ड इस पर फैसला लेगा। फिलहाल, व्यवस्था को बेहतर तरीके से चलाने का प्रयास जारी है और शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है। अगर आप भी अगले कुछ दिनों में यात्रा करने वाले हैं, तो स्टेशन निकलने से पहले अपनी ट्रेन का करंट स्टेटस और स्पेशल ट्रेनों के ऑप्शन जरूर चेक कर लें।

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