भारत की नकल पर उतारू पाक, अब बिलावल ग्लोबल लेवल पर रखेंगे पाकिस्तान का पक्ष, शरीफ ने सौंपी जिम्मेदारी

Reena Sharma
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की ओर से दुनिया में पाकिस्तान के नापाक चेहरे को बेनकाब करने का प्लान तैयार किया। जिसके लिए सात प्रतिनिधिमंडल तय किए हैं। अलग-अलग राजनीतिक दलों के ये सांसद पूरी दुनिया को आतंकपरस्त पाकिस्तान का सच बताएंगे। भारत की देखा-देखी पाक भी कुछ ऐसा ही करने जा रहा है। पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो भारत के साथ हालिया तनाव को लेकर ग्लोबल लेवल पर पाकिस्तान का पक्ष रखेंगे। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शनिवार को उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी। पाकिस्तान ने पहली बार भारत की नकल नहीं की है, इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आदमपुर एयरबेस पहुंचने के तुरंत बाद शहबाज शरीफ सियालकोट की पसरूर छावनी पहुंचे थे।

शांति का ‘पक्षधर’ पाकिस्तान

पहले भारत के खिलाफ जहर उगलना उसके बाद उसी की नीतियों के तहत आगे बढ़ना। बिलावल ने खुद इस बात की जानकारी दी है। बिलावल ने एक्स पर एक पोस्ट कर ये जानकीर दी। उन्होनें बताया कि शनिवार सुबह प्रधानमंत्री ने उनसे संपर्क किया और पील की कि वो इंटरनेशनल लेवल पर शांति के लिए पाकिस्तान का पक्ष रखने वाले प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करें। बिलावल ने कहा कि यह जिम्मेदारी मिलने पर वो सम्मानित महसूस कर रहे हैं।

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इशाक डार ने कहा- बातचीत के लिए हम तैयार

इस बीच पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार ने शनिवार एक मीडिया चैनल से कहा कि दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम कायम है और तनाव कम करने की दिशा में डेवलपमेंट हो रहा है। उन्होंने कहा- एक रोडमैप तैयार है और हम उसे फॉलो कर रहे हैं। अगला कदम बातचीत है और हम इसके लिए तैयार हैं। डार ने कहा- अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने फोन करके कहा था कि भारत युद्ध विराम के लिए तैयार है। “हमने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी, लेकिन यह भी बताया कि अगर भारत फिर से हमला करता है, तो हम जवाब देंगे।

भारत डेलिगेशन भेजकर पाक के करेगा बेनकाब

पाकिस्तान ने ये कदम ऐसे वक्त पर उठाया है, जब भारत ने 7 डेलिगेशन दुनिया में भेजकर ऑपरेशन सिंदूर पर अपना पक्ष रखने का कदम उठाया है। भारत सरकार दुनिया को ऑपरेशन सिंदूर के पीछे का मकसद और जरूरत समझाना चाहती है। इसके लिए सरकार ने वैश्विक स्तर पर अपना पक्ष रखने की रणनीति बनाई है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत आतंकवाद के खिलाफ अपने जीरो टॉलरेंस के संदेश को वैश्विक पटल पर मजबूती से रखने के लिए इस महीने के आखिर में सात सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल को दुनिया के प्रमुख देशों में भेजेगा जो आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति और कार्रवाई को इन देशों के सामने रखेंगे।

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