मिरर मीडिया धनबाद : रंजय हत्याकांड मामले में आज बुधवार को चश्मदीद गवाह और मामले के सूचक राजा यादव ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश अखिलेश कुमार की अदालत अपना बयान दर्ज कर दिया है। हालांकि समय अभाव के कारण आज राजा यादव की गवाही पूरी नहीं हो सकी अदालत ने प्रति परीक्षण के लिए गुरुवार की तारीख निर्धारित की है। कड़ी सुरक्षा के बीच राजा यादव और मृतक रंजय सिंह की पत्नी रूमी सिंह को लेकर वज्र वाहन से पुलिस धनबाद कोर्ट पहुंची।
नंदकिशोर सिंह उर्फ मामा को उंगली दिखा कर कहा इसी ने रंजय भैया को मारी गोली
अदालत को दिए गए बयान में एक ओर जहां राजा ने घटना का पूर्ण रूप से समर्थन किया वहीं रंजय को गोली मारने वाले के रूप में नंदकिशोर सिंह उर्फ मामा की भी पहचान की। इस दौरान राजा यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेश किया गए नंदकिशोर सिंह उर्फ मामा को उंगली दिखा कर कहा कि यही वह व्यक्ति है जिसने रंजय भैया को गोली मारी उसने बताया कि इसे उसने हर्ष सिंह के साथ सरायढेला व कतरास मोड में भी देखा करता था। राजा यादव ने बताया कि उसने ही पुलिस को हमलावरों का स्केच बनवाया था। और जेल में टीआईपी में भी हमलावर की पहचान की थी जो यही व्यक्ति है। समय अभाव के कारण आज राजा यादव की गवाही पूरी नहीं हो सकी अदालत ने प्रति परीक्षण के लिए गुरुवार की तारीख निर्धारित की है।
होटवार जेल रांची में बंद नंदकिशोर सिंह उर्फ़ मामा
विदित हो कि नंदकिशोर सिंह होटवार जेल रांची में बंद है जिसे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोर्ट में पेश किया गया था, जबकि हर्ष सिंह हाजिर नहीं थे उनकी ओर से प्रतिनिधित्व का आवेदन दिया गया था। वहीं राजा की ओर से अधिवक्ता पंकज प्रसाद, रंजय की पत्नी रूमी सिंह की ओर से अधिवक्ता मोहम्मद जावेद ने पैरवी की। जबकि अभियोजन का संचालन अपर लोक अभियोजक कुलदीप शर्मा एवं अवधेश कुमार ने संयुक्त रूप से किया बचाव पक्ष की ओर से प्रति परीक्षण अधिवक्ता समर श्रीवास्तव ने की।
चश्मदीद राजा यादव ने कोर्ट को दिए अपने बयान में कहा कि 29 जनवरी 17 की संध्या पांच बजे वह रंजय सिंह उर्फ राजीव रंजन सिंह के साथ स्कूटी से रघुकुल सराय ढेला के आगे स्थित चाण्क्य नगर जा रहा था तो देखा कि रघुकुल के गेट पर पहले से दो व्यक्ति खड़े थे और हम लोगों की ओर इशारा कर कुछ बात कर रहे थे। चाणक्य नगर में कुछ देर रुकने के बाद जब वह और रंजय स्कूटी से वापस सिंह मेनशन आने के लिए चला और जब करीब संध्या 5:30 बजे रामेश्वर तिवारी के घर के पास पहुंचा तो वहां सड़क खराब होने के कारण गाड़ी धीरे किए तो पहले से घात लगाकर बैठे दो व्यक्ति उसके सामने आ गए जिसमें से एक व्यक्ति जो लंबा था उसने रंजय सिंह के कनपटी में सटाकर गोली मार दी।
रंजय जब नीचे गिर गए तो उस पर और फायर करने लगे। नाटा कद वाले व्यक्ति ने भी उस पर गोली चलाई जो उसे नहीं लगी। दोनों व्यक्ति का रंग गेहुआ रंग का था। जो दोनों व्यक्ति रघुकुल के गेट के पास खड़े थे और इन लोगों की ओर इशारा कर रहे थे। वह जब डर कर भागने लगा तो नाटा कद वाले व्यक्ति ने पीछे से उस पर गोली चलाई जो उसे नहीं लगी फिर नाटा कद वाला व्यक्ति लौटकर आया और रंजय भैया पर गोली चलाया।
इसी बीच लंबा कद वाला व्यक्ति मोटरसाइकिल स्टार्ट कर खड़ा हो गया। वह पल्सर मोटरसाइकिल था जिसका रंग काला था जिस पर नाटा कद वाला व्यक्ति बैठकर दोनों रघुकुल की ओर भाग गए। जब लंबा कद वाला व्यक्ति रंजय भैया को गोली मार रहा था तो नाटा कद वाला व्यक्ति फोन पर बोल रहा था बॉस काम फाइनल हो गया। तब उसने घटना की जानकारी रंजय भैया के भाई संजय भैया को फोन पर दी वह आए फिर घायल अवस्था में रंजय को उठाकर सेंट्रल हॉस्पिटल सरायढेला ले गए जहां डॉक्टर ने उन्हें देखकर मृत घोषित कर दिया।

