बिहार विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल के नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आज से अपनी बिहार अधिकार यात्रा शुरू कर दी है। यह यात्रा बस के जरिए निकाली जा रही है और 20 सितंबर तक चलेगी। यात्रा की शुरुआत जहानाबाद से हुई है और इसका समापन वैशाली में होगा। तेजस्वी यादव ने बताया कि यह यात्रा नये संकल्प के साथ शुरू की गई है। अबतक महागठबंधन की ओर से की गई यात्राओं में जिन जिलों को कवर नहीं किया गया है वहां बिहार अधिकार यात्रा के दौरान पहुंचा जाएगा।

नए बिहार के एक नए संकल्प के साथ निकले-तेजस्वी
तेजस्वी यादव ने ‘बिहार अधिकार यात्रा’ पर कहा, वोटर अधिकार यात्रा समाप्त करने के बाद, जो बाकि के जिले बचे हुए थे, उन जिलों तक पहुंचने के लिए हम ‘बिहार अधिकार यात्रा’ पर निकले हैं ताकि हम हर जन के पास पहुंच सके। हम नए बिहार बनाने के एक नए संकल्प के साथ निकले हैं। यह केवल तेजस्वी यादव की यात्रा नहीं बल्कि नौजवान बेरोजगारों की यात्रा है, मां बहनों की सुरक्षा और सम्मान की यात्रा है, किसानों और मजदूरों की यात्रा है, बिहार में कारखानें और उद्योग आए उसकी यात्रा है। यह यात्रा बिहार के अधिकार की यात्रा है।
राहुल गांधी के साथ अनबन पर बोले तेजस्वी
राहुल गांधी के बीच अनबन को लेकर सवाल उठाए जाने पर यादव ने कहा, कौन क्या सवाल उठा रहा है और कौन नहीं, हमें इस पर सफाई देने की ज़रूरत नहीं है। हम जानते हैं कि हम जनता के लिए लड़ रहे हैं, हम जनता की आवाज उठा रहे हैं और जनता बदलाव चाहती है। चाहे वो हम और राहुल गांधी हों या हमारे गठबंधन के साथी, हम सब एकमत हैं और बिहार में बदलाव चाहते हैं। हम वही चाहते हैं जो जनता चाहती है, इसलिए कोई कुछ भी कहे और अटकलें लगाए, इससे हमें कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
कांग्रेस से खटपट की खबरों के बीच यात्रा के सियासी मायने
हाल में कांग्रेस और आरजेडी के बीच खटपट की खबरों के बीच इस यात्रा के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। खास बात यह है कि बीते 17 अगस्त से 1 सितंबर तक राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ में वह भी कंधे से कंधा मिलाकर साथ थे। लेकिन, अब तेजस्वी यादव राजद की अपनी ‘बिहार अधिकार यात्रा’ अब सवाल उठ रहा है कि आखिर ऐसा क्या हुआ जो राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा चलाते-चलाते कांग्रेस से अलग होकर तेजस्वी यादव अपनी अलग यात्रा पर निकल पड़े?

