पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ियों के मुद्दे को लेकर बिहार की राजनीति गरमा गई है। राजद नेता तेजस्वी यादव ने पांच साल बाद सड़क पर उतरकर कार्यकर्ताओं के साथ राजभवन मार्च का आह्वान किया। हजारों कार्यकर्ता तिरंगा लेकर गांधी मैदान में जुटे, जहां से उन्हें इनकम टैक्स चौराहे तक जाने की अनुमति मिली। इसके आगे पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बनी, हालांकि पुलिस ने लाठीचार्ज नहीं किया। बैरिकेड हटाने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पानी की बौछार की गई। इस दौरान तेजस्वी यादव भी पानी में भीगते हुए बैरिकेड पर चढ़कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते दिखाई दिए। कुछ देर बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
इस प्रदर्शन का केंद्र सीवान में छात्रों के आंदोलन के दौरान पुलिसकर्मी द्वारा AK-47 से की गई फायरिंग का मामला रहा। फायरिंग में कोई घायल नहीं हुआ था, लेकिन वीडियो सामने आने के बाद यह मुद्दा राजनीतिक रूप से गरमा गया। राजभवन मार्च में राजद कार्यकर्ता दो डमी AK-47 लेकर पहुंचे और छात्रों पर फायरिंग की प्रतीकात्मक प्रस्तुति दी। वहीं, भाजपा ने इस प्रदर्शन को राजद की मानसिकता से जोड़ते हुए आलोचना की।
तेजस्वी यादव को लंबे समय बाद किसी बड़े जन मुद्दे पर सड़क पर उतरने का अवसर मिला है और उन्होंने इसे राजनीतिक रूप से प्रमुखता से उठाया। इस बीच पुलिस अपनी सफाई दे चुकी है कि AK-47 से फायरिंग करने वाला जवान भीड़ नियंत्रण ड्यूटी में तैनात नहीं था और उसने हवा में गोलियां चलाई थीं। घटना के बाद संबंधित पुलिसकर्मी को निलंबित कर दिया गया है।

