डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : झारखंड के औद्योगिक विकास और युवाओं के रोजगार को लेकर एक बहुत बड़ी खुशखबरी आई है। देश के प्रतिष्ठित औद्योगिक समूह जिंदल ग्रुप ने झारखंड में 70,000 करोड़ रुपये से अधिक के भारी-भरकम निवेश का एलान किया है। इसके लिए दिल्ली में आयोजित स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन के दौरान झारखंड सरकार और नवीन जिंदल ग्रुप के बीच एक ऐतिहासिक समझौता हुआ है। इस निवेश की सबसे खास बात यह है कि इसके जरिए झारखंड को अपना पहला न्यूक्लियर पावर प्लांट मिलने जा रहा है। साथ ही, इससे राज्य में 11,000 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार और हजारों अप्रत्यक्ष नौकरियों के अवसर पैदा होंगे।
कहां और कितना होगा निवेश? समझें पूरा गणित
जिंदल ग्रुप राज्य में सिर्फ स्टील सेक्टर ही नहीं, बल्कि ग्रीन और क्लीन एनर्जी के क्षेत्र में भी बड़ा निवेश कर रहा है। ₹70,000 करोड़ के इस निवेश को मुख्य रूप से तीन हिस्सों में बांटा गया है:
स्टील सेक्टर (पतरातु): ₹40,000 करोड़ का निवेश कर पतरातु स्थित स्टील प्लांट का विस्तार किया जाएगा।
न्यूक्लियर एनर्जी (जमशेदपुर): ₹30,000 करोड़ की लागत से राज्य का पहला 1400 मेगावाट का परमाणु ऊर्जा प्लांट लगाया जाएगा।
सोलर एनर्जी (गोड्डा): ₹650 करोड़ की लागत से गोड्डा के गीतिलपुर के पास सोलर पावर प्लांट स्थापित होगा।
जमशेदपुर में परमाणु प्लांट के लिए जमीन की तलाश शुरू
सरकार ने जिंदल ग्रुप को इस न्यूक्लियर पावर प्लांट को जमशेदपुर में लगाने का सुझाव दिया है। फिलहाल जिंदल ग्रुप के पास जमशेदपुर के पास करीब 350 एकड़ जमीन पहले से उपलब्ध है, लेकिन इस बड़े प्लांट को स्थापित करने के लिए लगभग 1000 एकड़ जमीन की जरूरत होगी। कंपनी के अधिकारियों ने शुरुआती स्तर पर साइट का मुआयना कर अपनी सहमति दे दी है।
झारखंड की जनता ही हमारी ताकत-नवीन जिंदल
इस मौके पर जिंदल ग्रुप के प्रमुख और कुरुक्षेत्र से सांसद नवीन जिंदल ने वीडियो संदेश जारी कर कहा कि 70 हजार करोड़ का यह निवेश झारखंड की औद्योगिक क्षमता को नई मजबूती देगा। झारखंड के लोग बेहद मेहनती हैं और यही यहां की असली ताकत है। यह MoU सरकार के प्रति हमारे अटूट विश्वास का प्रतीक है और हम सब मिलकर विकास की नई इबारत लिखेंगे।
अब आत्मनिर्भर बनेगा झारखंड-सीएम हेमंत सोरेन
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस निवेश को राज्य के लिए ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह कदम झारखंड को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाएगा। उन्होंने भरोसा जताया कि इस प्रोजेक्ट के जमीन पर उतरने से राज्य के युवाओं को रोजगार के लिए बाहर नहीं भटकना पड़ेगा और जल्द ही इसके परिणाम दिखाई देने लगेंगे।

