डिजिटल डेस्क/जमशेदपुर : टाटा स्टील की लीज अवधि 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो गई, लेकिन कंपनी पर 319.40 करोड़ रुपये का भारी बकाया और कोल्हान आयुक्त के पद के खाली होने के कारण नवीनीकरण प्रक्रिया ठप हो गई है। राज्य के राजस्व सचिव चंद्रशेखर ने स्पष्ट किया कि कोल्हान आयुक्त की नियुक्ति और उनकी मंजूरी के बिना लीज समझौता संभव नहीं है। उन्होंने कार्मिक विभाग से आयुक्त की शीघ्र पोस्टिंग की मांग की है।
राजस्व सचिव के अनुसार, लीज ड्राफ्ट पहले कोल्हान आयुक्त की स्वीकृति के बाद राजस्व विभाग पहुंचेगा, फिर विधि विभाग की राय ली जाएगी और अंत में राज्य कैबिनेट की मंजूरी जरूरी होगी। कैबिनेट की मुहर के बाद ही डीड फाइनल होकर हस्ताक्षर होंगे। पूर्व कोल्हान आयुक्त एन बागे 30 नवंबर को रिटायर हो चुके हैं, जिससे पद एक महीने से अधिक समय से रिक्त है।
पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने कंपनी को बकाया जमा करने का निर्देश दिया है। जांच में 319.40 करोड़ का बकाया पाया गया। टाटा स्टील के एमडी टीवी नरेंद्रन ने सितंबर और दिसंबर में पत्र लिखकर 1 जनवरी 2026 से नवीनीकरण की मांग की थी, लेकिन मामला लंबित है।
इधर, लीज देरी के बीच जिला प्रशासन ने अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू करने का फैसला लिया है। सात टीमों का गठन किया गया है, जो टाटा लीज भूमि पर 2005 के बाद हुए अतिक्रमण को हटाएंगी। आंकड़ों के अनुसार 33 एकड़ पर अतिक्रमण है, जहां 125 बस्तियां बस चुकी हैं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: 1956 में 12,708 एकड़ के लिए 30 साल का लीज हुआ था। 2005 में 10,852 एकड़ के लिए नवीनीकरण हुआ, जिसमें 1,856 एकड़ अतिक्रमण के कारण बाहर कर दी गई। सब-लीज से प्राप्त 200 करोड़ राजस्व भी सरकार को नहीं दिया गया।

