डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: भारतीय स्टील दिग्गज टाटा स्टील ने वैश्विक बाजार में अपनी पकड़ और मजबूत करने के लिए एक बड़ा दांव खेला है। कंपनी ने अपनी विदेशी सहायक इकाई, टी स्टील होल्डिंग में भारी-भरकम पूंजी निवेश कर अपने अंतरराष्ट्रीय व्यापार को नई उड़ान देने की घोषणा की है।
खबर के मुख्य बिंदु
बड़ा निवेश: टाटा स्टील ने 5,754.64 करोड़ (625.75 मिलियन डॉलर) की शेयर खरीदारी पूरी की है।
शेयरों का गणित: कंपनी ने 0.1008 प्रति शेयर की दर से कुल 6,20,78,37,302 इक्विटी शेयर हासिल किए हैं।
मजबूत पकड़: इस नए निवेश के साथ ही सिंगापुर स्थित यह इकाई अब टाटा स्टील की शत-प्रतिशत (100%) पूर्ण स्वामित्व वाली विदेशी सहायक कंपनी बनी रहेगी।
रणनीतिक महत्व: क्यों अहम है यह कदम?
यह केवल एक वित्तीय लेनदेन नहीं है, बल्कि टाटा स्टील की उस रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत वह भारत के बाहर अपने बिजनेस पोर्टफोलियो को और अधिक सशक्त बनाना चाहती है। इससे पहले भी कंपनी ने इसी यूनिट में 3,100 करोड़ के शेयर हासिल किए थे, जो कंपनी के लॉन्ग-टर्म विज़न को दर्शाता है।
अगली नजर: 6 फरवरी की ‘इन्वेस्टर मीट’ पर
इस बड़े घटनाक्रम के बीच, टाटा स्टील ने 6 फरवरी को अपनी तीसरी तिमाही (Q3) के नतीजों पर चर्चा के लिए एक इन्वेस्टर्स मीट बुलाई है। कंपनी के सेक्रेटरी और चीफ लीगल ऑफिसर, पार्वाथीसम कंचिनधाम ने इसकी आधिकारिक जानकारी दी है। बाजार के विश्लेषकों की नजर इस मीटिंग पर टिकी है, जहां कंपनी अपनी भावी योजनाओं का रोडमैप साझा कर सकती है।

