फ़ारूक़ अब्दुल्लाह के काफिले पर जम्मू में फायरिंग की घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार यह घटना उस समय हुई जब जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और Jammu & Kashmir National Conference के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला एक शादी समारोह में शामिल होकर लौट रहे थे।
बताया जा रहा है कि समारोह के दौरान एक व्यक्ति ने उनके वाहन की ओर गोली चला दी। हालांकि इस घटना में फारूक अब्दुल्ला और उनके साथ मौजूद जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी को कोई चोट नहीं आई है।
फायरिंग के तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों ने आरोपी को मौके पर ही काबू कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी से पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उसने यह हमला किस उद्देश्य से किया। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पुलिस व अन्य सुरक्षा एजेंसियां मामले की गहन जांच कर रही हैं।
हमले के बाद उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतनी बड़ी सुरक्षा चूक कैसे हुई, इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम रॉयल पार्क, ग्रेटर कैलाश में था, लेकिन वहां स्थानीय पुलिस का कोई भी जवान मौजूद नहीं था। ऐसे कार्यक्रम में मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद थे, इसके बावजूद कोई व्यक्ति हथियार लेकर पहुंच गया, जो गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।
वहीं जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वाणी ने बताया कि हमलावर को हिरासत में ले लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि ऊपर वाले की कृपा से किसी को कोई चोट नहीं आई और फारूक अब्दुल्ला पूरी तरह सुरक्षित हैं।
पुलिस के अनुसार हमलावर की पहचान जम्मू के स्थानीय निवासी कमल सिंह जामवाल के रूप में हुई है, जिसकी उम्र 70 वर्ष से अधिक बताई जा रही है। बताया गया कि वह कार्यक्रम स्थल के बाहर इंतजार कर रहा था और उसने फारूक अब्दुल्ला पर गोली चलाने की कोशिश की। मौके पर मौजूद दो पुलिसकर्मियों—एक इंस्पेक्टर और एक सब-इंस्पेक्टर—ने उसे काबू कर लिया, हालांकि इस दौरान उसने एक गोली चला दी।
अधिकारियों के मुताबिक इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ है। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी कथित तौर पर नशे की हालत में था। फिलहाल पुलिस फायरिंग के पीछे की असली वजह का पता लगाने में जुटी हुई है।

