राष्ट्रपति ने नियुक्तियों को दी मंजूरी; अब 37 होगी न्यायाधीशों की संख्या
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिशों को मंजूरी देते हुए सर्वोच्च न्यायालय में पांच नए न्यायाधीशों की नियुक्ति को हरी झंडी दे दी है। इन नियुक्तियों के बाद सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़कर 37 हो जाएगी, जो नई स्वीकृत संख्या 38 से केवल एक कम है।
केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने सोशल मीडिया के माध्यम से इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 124(2) के तहत चार उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों और एक वरिष्ठ अधिवक्ता को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने की मंजूरी प्रदान कर दी है।
नियुक्त किए गए न्यायाधीशों में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश शील नागू, बॉम्बे हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश चन्द्रशेखर, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा, जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अरुण पल्ली तथा वरिष्ठ अधिवक्ता वेंकिता सुब्रमणि मोहना शामिल हैं।
इन नियुक्तियों की सिफारिश 27 मई को भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाले सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने की थी। नवंबर 2025 में मुख्य न्यायाधीश का पद संभालने के बाद यह उनकी अध्यक्षता में की गई पहली बड़ी न्यायिक नियुक्ति मानी जा रही है।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2026 में अध्यादेश के जरिए सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 34 से बढ़ाकर 38 कर दी थी। पांच नए जजों की नियुक्ति के बाद अब सर्वोच्च न्यायालय में कुल 37 न्यायाधीश हो जाएंगे और केवल एक पद रिक्त रहेगा।
सरकार का मानना है कि न्यायाधीशों की संख्या बढ़ने से लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आएगी। साथ ही संविधान पीठों के अधिक नियमित गठन का रास्ता भी खुलेगा। नई नियुक्तियों को न्यायपालिका में वरिष्ठता, योग्यता, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और विविधता के संतुलन की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

