धनबाद: 3 मार्च को साल का पहला खंडग्रास चंद्रग्रहण लगने जा रहा है। यह चंद्रग्रहण सिंह राशि और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में लगेगा तथा भारत सहित कई देशों में दिखाई देगा। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार यह ग्रहण भारत में दृश्य होने के कारण इसका सूतक काल भी मान्य रहेगा। चंद्रग्रहण दोपहर 3 बजकर 20 मिनट पर प्रारंभ होगा और शाम 6 बजकर 46 मिनट पर समाप्त होगा। ग्रहण का दृश्य समय संध्या 6 बजे से रहेगा, जबकि मोक्ष समय 6 बजकर 45 मिनट बताया गया है।
ग्रहण को लेकर धनबाद स्थित शक्ति मंदिर प्रबंधन ने जानकारी दी है कि 3 मार्च को प्रातः 7 बजकर 30 मिनट से मंदिर के पट बंद कर दिए जाएंगे। ग्रहण समाप्ति और शुद्धिकरण की प्रक्रिया के बाद रात्रि 8 बजे मंदिर के पट श्रद्धालुओं के लिए पुनः खोल दिए जाएंगे। मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित समय का पालन करें।
चंद्रग्रहण का सूतक काल सुबह 6 बजकर 20 मिनट से लागू हो जाएगा। सूतक काल के दौरान पूजा-पाठ, मंदिर प्रवेश और शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं। हालांकि शास्त्रीय मान्यताओं के अनुसार बच्चों, बुजुर्गों, रोगियों और गर्भवती महिलाओं को विशेष छूट दी जाती है। इन लोगों के लिए सूतक काल ग्रहण समाप्ति से साढ़े तीन घंटे पहले आरंभ होता है। चूंकि ग्रहण शाम 6 बजकर 46 मिनट पर समाप्त होगा, इसलिए इनके लिए सूतक काल दोपहर 3 बजकर 16 मिनट से प्रभावी माना जाएगा।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार ग्रहण काल में मंत्र जाप, ध्यान और भगवान का स्मरण करना शुभ फलदायी होता है। वहीं ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान, दान और पूजा करने की परंपरा है। प्रशासन और मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं से शांति और श्रद्धा के साथ धार्मिक परंपराओं का पालन करने की अपील की है।

