डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: किसी भी आपातकालीन स्थिति या युद्ध जैसे हालातों से निपटने के लिए पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन कितना तैयार है? इसका एक बड़ा नजारा सोमवार को सीएच एरिया स्थित महारानी मेंशन में देखने को मिला। जिला प्रशासन द्वारा आयोजित सिविल डिफेंस एयर रेड मॉक ड्रिल के दौरान महज 25 मिनट के भीतर पूरी मुस्तैदी के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। कंट्रोल रूम से खुद उपायुक्त ने कमान संभाली, तो वहीं जमीन पर पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमों ने मलबे से घायलों को सुरक्षित निकाला।

सायरन बजते ही एक्शन में आया प्रशासन
जैसे ही शाम ठीक 4:00 बजे ‘एयर रेड’ (हवाई हमले) का अलर्ट मिला, जिला उपायुक्त राजीव रंजन तुरंत साकची थाना स्थित जिला कंट्रोल रूम पहुंचे। वहां से उन्होंने पूरे ऑपरेशन की कमान अपने हाथ में ली। कंट्रोल रूम से तुरंत ही अग्निशमन सेवा (फायर ब्रिगेड), पुलिस और यातायात पुलिस, आपदा प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग सहित सभी संबंधित एजेंसियों को हाई अलर्ट पर डाल दिया गया। विभागों के बीच का यह तालमेल इतना सटीक था कि सूचना मिलने के मात्र 5 मिनट के भीतर (4:05 बजे) सीएच एरिया में सायरन गूंज उठा और संयुक्त सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया।
ग्राउंड जीरो पर पहुंचे आला अफसर
ऑपरेशन शुरू होने के कुछ ही मिनटों बाद (4:13 बजे) उपायुक्त राजीव रंजन, सिटी एसपी ललित मीणा और धालभूम के अनुमंडल पदाधिकारी अर्नव मिश्रा खुद घटनास्थल (महारानी मेंशन) पर जा पहुंचे। अधिकारियों ने न सिर्फ ग्राउंड जीरो पर जाकर राहत-बचाव कार्यों का जायजा लिया, बल्कि मौके पर मौजूद टीमों को जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए।
25 मिनट में सब सुरक्षित: लगभग 25 मिनट तक चले इस कड़े अभ्यास के दौरान मलबे और प्रभावित क्षेत्र में फंसे सभी घायलों को सिविल डिफेंस और रेस्क्यू टीमों ने सुरक्षित बाहर निकाला और एंबुलेंस के जरिए तुरंत अस्पताल रवाना किया।
क्यों जरूरी था यह अभ्यास?
मॉक ड्रिल की सफलता के बाद उपायुक्त ने बताया कि इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपदा या युद्ध जैसी विषम परिस्थितियों में विभिन्न सरकारी विभागों के बीच तालमेल को परखना था। उन्होंने कहा कि इस ड्रिल के माध्यम से हम यह देखना चाहते थे कि आपात स्थिति में हमारी एजेंसियां कितनी तेजी से रिस्पॉन्स करती हैं। हमारे संसाधनों की तैयारी कैसी है, इसका आकलन करना बेहद जरूरी था ताकि भविष्य में किसी भी वास्तविक संकट के समय बिना समय गंवाए लोगों की जान बचाई जा सके। इस सफल मॉक ड्रिल में सिविल डिफेंस के नोडल पदाधिकारियों समेत जिले के तमाम वरिष्ठ अधिकारी और सुरक्षा बल शामिल रहे। प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई ने यह साबित कर दिया कि जमशेदपुर किसी भी अप्रिय स्थिति का सामना करने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।

