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झोलाछाप डॉक्टरों पर रहेगी निगरानी, तत्काल होगी कार्रवाई, ग्रामीण इलाकों में लोगों को झाड़-फूंक को लेकर किया जाएगा जागरूक

जमशेदपुर : जिला उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा स्वास्थ्य विभाग व समाज कल्याण विभाग की समीक्षा की गई। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर कैसे किया जाए इस पर विमर्श किया गया। उप विकास आयुक्त मनीष कुमार, सिविल सर्जन डॉ जुझार माझी, एसीएमओ डॉ जगेश्वर प्रसाद, जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ ए मित्रा, डीआरसीएचओ डॉ रंजीत पांडा, डीटीओ डॉ ओ. पी. केशरी, डीएलओ डॉ मृत्युंजय धावड़िया, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी संध्या रानी, सभी एमओआईसी, सीडीपीओ, डीपीसी, डीडीएम बैठक में उपस्थित थे।

जिला उपायुक्त ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कई बार झाड़-फूंक या झोलाछाप डाक्टर के चक्कर में फंसकर लोग जान तक गंवा देते हैं। प्रशासनिक व्यवस्था का हिस्सा होने के कारण हम सभी को इसे चुनौती की तरह लेते हुए लोगों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के साथ-साथ जागरूक करने में भी अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होने सभी एमओआईसी को निर्देशित किया कि लोगों को बेहतर इलाज की सुविधा देने के साथ-साथ काउंसिंलिंग भी करें। उन्होने सभी से अपने सूचनातंत्र को मजबूत करते हुए झोलाछाप चिकित्सकों पर निगरानी रखने व त्वरित कानूनी कार्रवाई किए जाने का निर्देश दिया।

एन.वी.डी.सी.पी (National Vector borne disease control program) की समीक्षा में जिला उपायुक्त ने पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर डुमरिया व गुड़ांबादा क्षेत्र में मास फीवर सर्वे कराये जाने की बात कही। कुछ एमओईसी ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में लापरवाही के कारण कई बार मलेरिया के रोगी भी रिकवर नहीं हो पाते। मच्छरदानी का उपयोग नहीं करने तथा इलाज के लिए ओझा-गुणी या झोलाछाप डॉक्टर के पास चले जाते हैं। जिला उपायुक्त ने एम.डी.ए अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभागीय कर्मियों से मच्छरदानी का उपयोग लोग करते हैं या नहीं इसकी भी जानकारी लेने की बात कही। साथ ही अनिवार्य रूप से ग्रामीण मच्छरदानी का प्रयोग करें इसके लिए जनजागरूकता लाने का निर्देश दिया।

एन.टी.सी.पी (Tobacco control programme) की समीक्षा में सभी संबंधित पदाधिकारी को अवैध रूप से तंबाकू बिक्री करने वालों के विरूद्ध सघन छापामारी अभियान चलाते हुए दण्डित करने का निर्देश दिया गया। प्रत्येक माह होने वाले महिला व बच्चों का रोग प्रतिरक्षण कार्यक्रम, टीबी उन्मूलन, कुष्ठ, एचआईवी के मामलों की भी समीक्षा की गई। टी.बी को लेकर जिला उपायुक्त ने अपील किया कि वैसे सभी व्यक्ति जिन्हें दो सप्ताह या उससे ज्यादा समय से सूखी खांसी हो रही हो वे अपना जांच नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र जाकर जांच जरूर करायें।

बैठक में ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता पोषण दिवस (वी.एच.एस.एन.डी) की गुणवत्ता सुनिश्चित करने का निर्देश सभी सीडीपीओ व एमओआईसी को दिया गया। इस कार्य में स्थानीय जनप्रतिनिधि, स्थानीय संगठनों से भी जनजागरूकता लाने में सहयोग लेने की बात कही गई। वी.एच.एस.एन.डी में एएनएम और सहिया की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा गर्ववती व संभावित गर्भवती महिलाओं के जांच का निदेश दिया गया।

जिला उपायुक्त ने गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच पर बल देते हुए कहा कि जच्चा-बच्चा स्वस्थ रहे इसके लिए जरूरी है उनका ए.एन.सी जांच कराना। उन्होने स्पष्ट निर्देश दिया कि सिर्फ ए.एन.सी जांच ही नहीं बल्कि डिलिवरी होने तक गर्भवती माताओं को फॉलो करें। सभी एमओआईसी व सीडीपीओ को निर्देश दिया गया कि सेविका व सहिया के माध्यम से हरेक गर्भवती महिला को फॉलो करें। डिलीवरी जिला के अंदर किसी अस्पताल में हो या पड़ोसी जिला, पड़ोसी राज्य में बस ये सुनिश्चित करें कि संस्थागत प्रसव ही हो। बैठक में समाज कल्याण विभागीय योजनाओं की भी समीक्षा कर सभी सुयोग्य को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का मिले इसे सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

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