August 18, 2022

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दिन और रात चौबीसों घंटे फहराया जा सकेगा तिरंगा : हर घर तिरंगा अभियान को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय ध्वज संहिता में हुए बदलाव

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3:2 आयताकार का होना चाहिए राष्ट्रीय ध्वज

मिरर मीडिया : आजादी के 75 साल पूरे होने के मौके पर केन्द्र सरकार ने ‘हर घर तिरंगा’ अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। इसी के मद्देनजर सरकार ने राष्ट्रीय ध्वज संहिता (फ्लैग कोड ऑफ इंडिया) में बदलाव किया है। बदलाव के बाद अब राष्ट्रीय ध्वज दिन और रात दोनों समय फहराए जाने की अनुमति रहेगी। साथ ही अब पॉलिएस्टर और मशीन से बने राष्ट्रीय ध्वज को भी फहराया जा सकता है।

कला, संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग, झारखंड के संयुक्त सचिव ने उपायुक्त को इस आशय का पत्र लिखकर राष्ट्रीय ध्वज संहिता (फ्लैग कोड ऑफ इंडिया) में हुए संशोधन के दिशा निर्देश का अनुपालन सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।

भारतीय राष्ट्रीय ध्वज का प्रदर्शन, फहराना और उपयोग भारतीय झंडा संहिता, 2002 और राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 के तहत आता है। 20 जुलाई, 2022 को एक आदेश के जरिए भारतीय झंडा संहिता, 2002 में संशोधन किया गया है। इसके बाद भारतीय झंडा संहिता, 2002 के भाग-दो के पैरा 2.2 के खंड (11) को अब इस तरह पढ़ा जाएगा – ‘जहां झंडा खुले में प्रदर्शित किया जाता है या किसी नागरिक के घर पर प्रदर्शित किया जाता है, इसे दिन-रात फहराया जा सकता है.’ इससे पहले, तिरंगे को केवल सूर्योदय से सूर्यास्त तक फहराने की अनुमति थी।

संशोधन के बाद अब राष्ट्रीय ध्वज को 24 घंटे फहराया जा सकता है। पहले ऐसा करने की अनुमति नहीं थी। पहले सिर्फ दिन के समय ही तिरंगा फहराया जा सकता था। इसके लिए केंद्र सरकार ने फ्लैग कोड ऑफ इंडिया में कुछ बदलाव किए हैं। ये बदलाव 13 से 15 अगस्त तक चलने वाले ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को ध्यान में रखते हुए किए गए हैं। इस अभियान के तहत देशभर में 20 करोड़ घरों में तिरंगा फहराने की योजना है। राष्ट्रीय ध्वज कितना भी बड़ा और कितना भी छोटा हो सकता है। लेकिन तिरंगा हमेशा आयताकार होगा, जिसका अनुपात 3:2 होगा।

अब ये हुए हैं बदलाव

– पहलाः अब तक हाथ से बुना और काता हुआ ऊन, कपास या रेशमी खादी से बना राष्ट्रीय ध्वज ही फहराने की इजाजत थी। लेकिन अब मशीन से बना हुआ कपास, उन या रेशमी खादी से बना तिरंगा भी फहरा सकते हैं। साथ ही अब पॉलिएस्टर से बना तिरंगा भी फहराया जा सकता है।

– दूसराः अब तक किसी घर, निजी संगठन या दूसरे संस्थानों में तिरंगे को सूर्योदय से सूर्यास्त तक ही फहराने की इजाजत थी। रात के समय राष्ट्रीय ध्वज को नहीं फहराया जा सकता था। लेकिन अब आम लोग, निजी संगठन या संस्थान दिन और रात तिरंगा फहरा सकते हैं।

ध्यान रखने योग्य जरुरी बातें

– झंडे का प्रयोग व्यावसायिक उद्येश्य के लिए नही किया जाएगा

– किसी व्यक्ति या वस्तु को सलामी देने के लिए झंडे को नही झुकाया जायेगा

– झंडे का प्रयोग किसी वर्दी या पोशाक के रूप में नहीं किया जाएगा। झंडे को रुमाल, तकियों या किसी अन्य ड्रेस पर नहीं छापा जा सकता है

– झंडे का प्रयोग किसी भवन में पर्दा लगाने के लिए नही किया जाएगा

– किसी भी प्रकार का विज्ञापन/अधिसूचना/अभिलेख ध्वज पर नहीं लिखा जाना चाहिए

– झंडे को वाहन, रेलगाड़ी, नाव, वायुयान की छत इत्यादि को ढकने के काम में इस्तेमाल नहीं किया जायेगा

– किसी दूसरे झंडे को भारतीय झंडे के बराबर ऊंचाई या उससे ऊपर नहीं फहराया जाना चाहिए

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