डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: दीपों के महापर्व दिवाली की शुरुआत धनतेरस के साथ हो गई है, और इस शुभ अवसर पर बाज़ारों में ग्राहकों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है।

शहर के छोटे-बड़े बाजारों से लेकर प्रतिष्ठित ज्वेलरी शोरूम तक, हर जगह ख़रीदारों की रौनक छाई हुई है। लोगों ने शुभ मुहूर्त में सोना, चांदी, बर्तन और दिवाली की सजावट के सामान की जमकर खरीदारी की।

स्थानीय बाज़ारों में ख़ूब चहल-पहल
बाज़ारों का नज़ारा बता रहा है कि धनतेरस पर पारंपरिक और पूजा से जुड़े सामान की दुकानों पर ग्राहक उमड़ पड़े हैं।
- पूजा और सजावट का सामान: बाज़ार में दिवाली पूजन और सजावट के लिए लंबी कतारों वाली दुकानें सजी हुई हैं। लोग घरों को सजाने के लिए झालरें, रंग-बिरंगे बंधनवार, पारंपरिक कलश, देवी-देवताओं की मूर्तियां और अन्य सजावटी वस्तुएं खरीद रहे हैं।
- बर्तनों की विशेष खरीदारी: धनतेरस के दिन नई धातु के बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है। इसलिए, पीतल, तांबे और स्टील के बर्तनों की दुकानों पर ख़ास भीड़ दिखाई दी।
- रोज़मर्रा के सामान की खरीदारी: दिवाली से पहले की यह खरीदारी केवल धनतेरस के सामान तक सीमित नहीं है, बल्कि लोग घर के लिए अन्य ज़रूरी सामान भी खरीद रहे हैं, जिससे बाज़ारों की रौनक बढ़ गई है।
ज्वेलरी शोरूम में भारी भीड़
धनतेरस पर सोना और चांदी खरीदना अत्यंत शुभ माना जाता है। प्रमुख ज्वेलरी शोरूम में ग्राहकों की भारी उपस्थिति दर्ज की गई।
- सोना-चांदी: महंगाई के बावजूद सोने और चांदी के सिक्कों, आभूषणों और मूर्तियों की मांग तेज़ रही। ग्राहकों ने शुभता के प्रतीक के तौर पर हल्की और भारी, दोनों तरह की ज्वेलरी खरीदी।
- इलेक्ट्रॉनिक्स और वाहन:इस साल धनतेरस के शुभ मुहूर्त में वाहन और इलेक्ट्रॉनिक्स की खरीदारी भी खूब की जा रही है।
सुरक्षा और व्यवस्था:
बाज़ारों में उमड़ी भारी भीड़ को देखते हुए, ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन ने भी विशेष इंतज़ाम किए हैं।
धनतेरस का महत्व:
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को समुद्र मंथन से भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। यही कारण है कि इस दिन आरोग्य के देवता धन्वंतरि, धन के देवता कुबेर और मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है। इस दिन खरीदारी करने से घर में सुख-समृद्धि और आरोग्य का वास होता है।

