WhatsApp वीडियो कॉल पर साइबर ठगी, संयुक्त बैंक खाते से उड़ाये 4.90 लाख रुपये

Reena Sharma
3 Min Read

पटना में साइबर ठगी का एक मामला सामने आया है, जहां अपराधियों ने WhatsApp वीडियो कॉल के जरिए एक व्यक्ति को झांसे में लेकर उनके संयुक्त बैंक खाते से 4.90 लाख रुपये की अवैध निकासी कर ली। घटना 17 अक्तूबर की है। पीड़ित के मुताबिक, उनके और उनकी पत्नी के नाम से भारतीय स्टेट बैंक (SBI) में संयुक्त खाता है। इसी खाते से बिना उनकी जानकारी और अनुमति के बड़ी रकम दूसरे खाते में ट्रांसफर कर दी गयी।

सुबह 11:12 बजे खाते से ट्रांसफर हुए 4.90 लाख रुपये

पीड़ित की शिकायत के अनुसार, 17 अक्तूबर को सुबह करीब 11:12 बजे उनके संयुक्त बैंक खाते से 4.90 लाख रुपये निकालकर हबीबू नाम के लाभार्थी के खाते में भेज दिये गये। पीड़ित का कहना है कि उन्होंने इस लेनदेन की अनुमति नहीं दी थी। रकम ट्रांसफर होने के बाद उन्हें खाते से पैसे निकलने की जानकारी मिली।

कॉल करने वाले ने OTP और ATM कार्ड की जानकारी मांगी

पीड़ित ने बताया कि खाते से रुपये निकलने से पहले एक अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें WhatsApp पर वीडियो कॉल किया था।
कॉल करने वाले ने उनसे OTP और ATM कार्ड से जुड़ी जानकारी मांगी। इसके साथ ही उसने मोबाइल की स्क्रीन शेयर करने को भी कहा। पीड़ित के अनुसार, इस बातचीत के कुछ ही देर बाद खाते से 4.90 लाख रुपये ट्रांसफर हो गये।

साइबर थाने और पोर्टल पर दर्ज करायी शिकायत

घटना के बाद पीड़ित ने पटना साइबर थाने में लिखित शिकायत देकर प्राथमिकी दर्ज करने और मामले की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने साइबर अपराध पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज करायी है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, शिकायत में दर्ज आरोपों की जांच और रकम के ट्रांसफर से जुड़े तथ्यों की पुष्टि होना बाकी है।

अनजान वीडियो कॉल और स्क्रीन शेयरिंग से रहें सावधान

साइबर ठगी से बचने के लिए अनजान कॉल करने वालों के साथ OTP, ATM कार्ड की गोपनीय जानकारी, PIN या बैंकिंग पासवर्ड साझा नहीं करें। किसी अज्ञात व्यक्ति के कहने पर मोबाइल की स्क्रीन शेयर न करें और संदिग्ध लिंक या ऐप से भी बचें। यदि खाते से अनधिकृत लेनदेन हो जाए, तो तुरंत बैंक को सूचना दें और 1930 साइबर अपराध हेल्पलाइन पर शिकायत करें।

पीड़ित ने साइबर थाने और साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज करा दी है। अब जांच में यह पता लगाना अहम होगा कि रकम किस माध्यम से ट्रांसफर हुई, लाभार्थी खाते से जुड़े लोगों की क्या भूमिका थी और ठगी में स्क्रीन शेयरिंग का इस्तेमाल किस तरह किया गया। शिकायत में लगाये गये आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

Share This Article